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Ganesh Chaturthi: गणेशोत्सव पर सोने के आभूषणों की बढ़ी मांग, कारोबार के 3500 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान

Tue, 26 Aug 2025 01:22 PM IST
नविता स्वरूप बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

व्यापारियों का कहना है कि इस गणपति उत्सव पर कुल मिलाकर 3500 करोड़ रुपये का करोबार होने की संभावना है। मान्यता के लिए आभूषणों की मांग अधिक है। इसमें अलग-अलग डिजाइन और वजनों के आभूषण, मोदक, पादुका और भगवान गणेश की सवारी मूसक की मांग है।
 
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गणेशोत्सव में आभूषण की मांग अधिक - फोटो : Adobestock
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विस्तार
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शादी, दिवाली, धनतेरस और गुडी पाडावा सहित अब गणेशोत्सव पर भी सोने के आभूषणों की मांग में तेजी देखने को मिलने रही है। इस पर्व में गणपति पर चढ़ाने के लिए 1500 करोड़ रुपये तक के आभूषण, पादुका, मोदक, मूसक की बिक्री होने की उम्मीद है। मुंबई के झवेरी बाजार के व्यापारियों का मानना है कि विसर्जन तक और दो हजार करोड़ रुपये की बिक्री हो सकती है।

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अलग डिजाइन और वजनों के आभूषण की मांग

इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार जैन बताते हैं कि गणेशोत्सव पर मान्यता के लिए आभूषणों की मांग अधिक है। इसमें अलग-अलग डिजाइन और वजनों के आभूषण मांग है। मांग को देखते हुए हमें लगता है कि इस साल 125 टन सोने की बिक्री होगी।

किन- किन आभूषणों की हो रही मांग

कुमार कहते हैं पिछले साल भी बिक्री अच्छी रही थी, लेकिन इस साल ग्राहक काफी अलग-अलग मांग कर रहे हैं। इसमें गणपति के लिए सोने के हार, पादुका, चेन, कान की बाली, गणपति की मूर्ती और हनुमान की गदा सहित मूसक की खरीदारी हो रही है। हल्के वजन के सोने के मोदक और मूसक की मांग अधिक है। प्रति दुकान देखें तो 150 मोदक और मूसक की बिक्री हो रही है। वहीं प्रति दुकान 15 से 25 हार और पादुका की बिक्री हो रही है।  

एक से 15 तोले के हारों की मांग

झवेरी बाजार के अंबिका ज्वेलर्स के मुकेश जैन कहते हैं कि इस साल मान्यता पूरा होने के लिए गणेशोत्सव पर आभूषणों की मांग देखने को मिल रही है। इसमें 1 तोले से लेकर 15 तोले के हार, पादुका, 15 ग्राम से लेकर 25 ग्राम के सोने के मोदक और मूसक और गुडहल (जासवंती) के फूल की खरीदारी हो रही है। उनका कहना है कि प्रति दिन 200 से 250 करोड़ रुपये की बिक्री मुंबई के झवेरी बाजार में हो रही है। वहीं सोने की पादुका तैयार करने के लिए 80 से 90 किलो ग्राम सोने के पतरे का उपयोग किया जा रहा है।

मुंबई के झवेरी बाजार में दिवाली का माहौल

व्यापारियों का कहना है कि गणपति पर दिवाली जैसी खरीदारी देखी जा रही है। सोने की कीमत वर्तमान में जीएसटी जोड़कर देखे तो एक लाख रुपये प्रति दस ग्राम पर है, जबकि चांदी कीमतें पहले ही लाख रुपये प्रति किलो पर चल रही हैं। पिछले दो से तीन वर्षों में यह चलन तेजी से बढ़ा है, जिसमें मान्यता के लिए आभूषण और अन्य चीजों की खरीदारी करते हैं। इसमें 50 प्रतिशत से अधिक खरीदारी लालबाग के राजा के लिए होती है, उसके बाद अन्य गणपति व मंदिरों में चढ़ाने के लिए की जाती है।

पिछले साल गणपति पर 80 टन सोने की बिक्री हुई

कुमार बताते हैं कि पिछले साल गणेशोत्सव पर सोने की कीमत 85,000 रुपये प्रति दस ग्राम पर थी और 80 टन सोने की बिक्री हुई थी। वर्तमान में सोने की कीमत जीएसटी के साथ 1 लाख रुपये प्रति दस ग्राम के पास है और हमें उम्मीद है कि इस साल गणेशोत्सव के विसर्जन तक कुल मिलकार 3500 करोड़ रुपये का करोबार होगा। 

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