Relief to Karti Chidambram: चिदंबरम ने अपनी याचिका में दावा किया कि उन्हें फ्रांस के सेंट ट्रोपेज में 18 से 24 सितंबर तक होने वाले सेंट ट्रोपेज ओपन नामक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय टेनिस टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है और इसके बाद उन्हें अपनी बेटी से मिलने के लिए ब्रिटेन के लंदन भी जाना है, जो वहां काम कर रही है और वहां रह रही है।
दिल्ली की एक अदालत ने कथित एयरसेल-मैक्सिस और आईएनएक्स मीडिया घोटालों में आरोपी कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम को 15 से 27 सितंबर तक फ्रांस और ब्रिटेन की यात्रा करने की अनुमति दे दी है।
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विशेष न्यायाधीश एमके नागपाल ने कथित घोटालों से जुड़े चार मामलों में चिदंबरम को राहत दी। इन मामलों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कर रहे हैं। 25 अगस्त को पारित एक आदेश में न्यायाधीश ने कहा कि अदालत के निर्देश इन मामलों में चल रही आगे की जांच में आड़े नहीं आएंगे।
चिदंबरम ने अपनी याचिका में दावा किया कि उन्हें फ्रांस के सेंट ट्रोपेज में 18 से 24 सितंबर तक होने वाले सेंट ट्रोपेज ओपन नामक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय टेनिस टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है और इसके बाद उन्हें अपनी बेटी से मिलने के लिए ब्रिटेन के लंदन भी जाना है, जो वहां काम कर रही है और वहां रह रही है।
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कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्हें लंदन में कुछ बैठकों और व्यावसायिक गतिविधियों में भी भाग लेना है क्योंकि उनकी कंपनी टोटस टेनिस लिमिटेड, जो एटीपी टूर्नामेंटों की सह-आयोजक है, ब्रिटेन में निबंधित है।
सीबीआई और ईडी की ओर से पेश अधिवक्ता ने चिदंबरम की अर्जियों का किया विरोध
सीबीआई और ईडी की ओर से पेश अधिवक्ता ने चिदंबरम की अर्जियों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि आवेदनों के साथ संलग्न दस्तावेज फ्रांस में टूर्नामेंट के दौरान आवेदक की शारीरिक उपस्थिति की आवश्यकता और वहां उसके रहने की प्रस्तावित अवधि को सही नहीं ठहराते हैं, और आवेदक के लिए ब्रिटेन में अपनी बेटी से मिलने की आवश्यकता या तात्कालिकता को भी सही नहीं ठहराते हैं।
अधिवक्ता ने धनशोधन मामले में चल रही जांच में चिदंबरम की ओर से असहयोग का दावा करते हुए कहा कि कुछ नए सबूत भी सामने आए हैं जो दिखाते हैं कि उन्होंने लाभकारी स्वामित्व वाली या नियंत्रित कंपनी के कुछ शेयरों का निपटान किया है और इस तरह से उन्होंने अपराध की आय को नष्ट कर दिया है।
अदालत ने आरोपी को एफडीआर या बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से एक करोड़ रुपये की जमानत राशि जमा करने का निर्देश दिया और उसे निर्देश दिया कि वह इस अवधि के लिए अपने यात्रा कार्यक्रम को औपचारिक रूप दे और देश छोड़ने से पहले इसे रिकॉर्ड पर रखे। इसमें उन स्थानों या होटलों का विवरण भी मांगा गया है जहां वह ठहरेगा और विदेश में उनके संपर्क नंबर भी मांगे गए हैं।