कई देशों के बीच तनाव और महंगाई के चलते शेयर बाजार में अक्तूबर से जारी गिरावट अब थम गई है। बीएसई सेंसेक्स फिर से 80,000 के पार पहुंच गया है। निवेशकों को जितना घाटा हुआ था, उसकी आंशिक भरपाई भी हो रही है। बाजार की गिरावट में कंपनियां आईपीओ लाने की तैयारी कर रही हैं तो म्यूचुअल फंड नए फंड ऑफर (एनएफओ) लॉन्च करने के लिए तैयार बैठे है। फरवरी में महज तीन आईपीओ आए जबकि मार्च में एक भी नहीं आया। अप्रैल में एथर एनर्जी 2,981 करोड़ रुपये के साथ आईपीओ की शुरुआत कर रही है। ऐसे में आने वाले महीने से ज्यादा कंपनियां बाजार में उतर सकती हैं।
बढ़ने लगी है म्यूचुअल फंड स्कीमों की एनएवी
बाजार में सुधार से म्यूचुअल फंड स्कीमों की नेट एसेट वैल्यू यानी एनएवी बढ़ने लगी है। म्यूचुअल फंड की ज्यादातर स्कीमें इक्विटी में निवेश करती हैं। इसलिए, बाजार में गिरावट पर एनएवी यानी रिटर्न भी घटने लगता है।
- अप्रैल में बाजारों की तेजी ने म्यूचुअल फंड के रिटर्न की वापसी कर दी है। जो निवेशक घाटे में चले गए थे, उनकी भरपाई हो रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि जिन स्कीमों ने इक्विटी में निवेश किया था, उन कंपनियों के शेयरों में सुधार से रिटर्न पर असर दिख रहा है।
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66 कंपनियां एनएफओ की तैयारी में
इस साल जनवरी से मार्च तक 66 म्यूचुअल फंड कंपनियों ने एनएफओ लाने के लिए सेबी के पास मसौदा जमा कराया है। 2024 में इसी अवधि में यह संख्या 56 थी। अप्रैल में 12 फंड हाउसों ने एनएफओ लॉन्च किया है। इसमें एसबीआई से लेकर कोटक, बजाज और एडलवाइस जैसे फंड हाउस हैं।
- निप्पॉन इंडिया ने दो पैसिव फंड लॉन्च किया है जो 30 अप्रैल तक खुला रहेगा। इसमें एक निफ्टी 500 लो वोलैटिलिटी-50 इंडेक्स जबकि दूसरा निफ्टी-500 क्वालिटी-50 इंडेक्स फंड है।
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कम अस्थिर शेयरों में करें निवेश
विश्लेषकों का मानना है कि निवेशकों को इस समय कम अस्थिर वाले शेयरों में निवेश करना चाहिए। निप्पॉन के दोनों फंड पैसिव हैं और ये एक फैक्टर इन्वेस्टिंग दृष्टिकोण का पालन करते हैं। साथ ही, अच्छे शेयरों में निवेश करते हैं, जो उन्हें मौजूदा अस्थिर बाजारों के माहौल में बचाव के रूप में पेश करते हैं। ये दोनों एनएफओ पैसिव इंडेक्स फंड होने के कारण कई तरह के लाभ देते हैं। फंड एक इंडेक्स को ट्रैक करने, एक ही यूनिट से विविधीकरण देने, कम खर्च अनुपात के साथ पारदर्शी होने के लिए बनाए गए हैं। लो वोलैटिलिटी-50 इंडेक्स फंड निफ्टी-500 इंडेक्स में से 50 कंपनियों में निवेश करता है।
- ऐसे फंड एक वर्ष की दैनिक पिछली कीमतों का उपयोग कर गणना किए गए कम वोलैटिलिटी स्कोर के आधार पर शीर्ष-50 कंपनियों को चुनते हैं।
बाजार के मौजूदा माहौल में निवेशकों को थोड़े कम उतार-चढ़ाव वाली स्कीमों में निवेश करना चाहिए। इससे अच्छा रिटर्न मिलेगा और जोखिम भी कम होगा। -राजकुमार तिवारी, म्यूचुअल फंड वितरक
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