सीबीआईसी ने कहा कि सीमा शुल्क विभाग 31 दिसंबर तक पूरे देश में चरणबद्ध तरीके से संपर्क रहित मूल्यांकन लागू करेगा, जिसकी शुरुआत सोमवार को चेन्नई और बंगलूरू से हुई।
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने एक परिपत्र में कहा कि चूंकि संपर्क रहित मूल्यांकन (जिसे आमतौर पर अप्रत्यक्ष या आभासी मूल्यांकन के रूप में जाना जाता है) सीमा शुल्क मूल्यांकन के मौजूदा तरीके से एकदम अलग है, इसलिए इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है, ताकि व्यापारियों और हितधारकों के काम में किसी तरह की बाधा के बिना इन बदलावों को अपनाया जा सके।
परिपत्र में कहा गया, 'इस प्रकार बोर्ड ने चरणबद्ध तरीके से संपर्क रहित मूल्यांकन शुरू करने का फैसला किया है, जिसकी शुरुआत उन स्थानों से होगी, जिन्हें पहले की पायलट कार्यक्रमों का अनुभव है।'
इन राज्यों में शुरू होगा पहला चरण
परिपत्र में कहा गया है कि पहला चरण बंगलूरू और चेन्नई में आठ जून 2020 से शुरू होगा, जो मुख्य रूप से सीमा शुल्क अधिनियम, 1975 अध्याय 84, 85 के तहत आने वाली आयातित वस्तुओं के लिए होगा। अध्याय 84, 85 कुछ मशीनों और बिजली के उपकरणों से संबंधित है।
31 दिसंबर 2020 तक पूरे भारत में लागू करने की योजना
इसमें कहा गया कि 31 दिसंबर 2020 तक पूरे भारत में चरणबद्ध ढंग से संपर्क रहित मूल्यांकन को लागू करने की योजना है। सीबीआईसी ने चेन्नई, दिल्ली, बंगलूरू, गुजरात और विशाखापट्टनम में सीमा शुल्क केंद्रों पर इसके लिए पायलट योजनाओं का संचालन किया है।