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RBI: व्यापार घाटे में वृद्धि, चालू खाते के घाटे में 13.2 अरब डॉलर का इजाफा; जानिए क्या कह रहे आरबीआई के आंकड़े

Mon, 02 Mar 2026 07:00 PM IST
Kumar Vivek बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत का चालू खाते का घाटा दिसंबर तिमाही में बढ़कर 13.2 अरब डॉलर हुआ, मुख्य रूप से व्यापार घाटे में वृद्धि के कारण। सेवा क्षेत्र का प्रदर्शन मजबूत बना हुआ है। अधिक जानें।
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भारतीय अर्थव्यवस्था। - फोटो : amarujala
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विस्तार
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, देश के चालू खाते के घाटे (CAD) में दिसंबर तिमाही में वृद्धि देखी गई है। यह घाटा पिछले वर्ष की समान अवधि में 11.3 अरब डॉलर (जीडीपी का 1.1 प्रतिशत) से बढ़कर 13.2 अरब डॉलर (जीडीपी का 1.3 प्रतिशत) हो गया है। इस वृद्धि का मुख्य कारण बढ़ते व्यापार घाटे को बताया जा रहा है।

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व्यापार घाटे के आंकड़े क्या कह रहे?
आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर तिमाही में व्यापार घाटा 93.6 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 79.3 अरब डॉलर था। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि आयात, निर्यात की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ा है, जिससे व्यापार संतुलन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।

चालू खाता घाटा के बारे में आरबीआई ने क्या बताया?
हालांकि, वर्ष 2025-26 की अप्रैल-दिसंबर अवधि के लिए चालू खाते के घाटे में समग्र रूप से सुधार हुआ है। इस नौ महीने की अवधि में घाटा 30.1 अरब डॉलर (जीडीपी का 1 प्रतिशत) रहा, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 36.6 अरब डॉलर (जीडीपी का 1.3 प्रतिशत) था। यह दर्शाता है कि तिमाही-दर-तिमाही आधार पर कुछ चिंताएं बढ़ी हैं, लेकिन वर्ष के कुल प्रदर्शन में कुछ हद तक स्थिरता आई है।
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सेवा क्षेत्र के बारे में आंकड़ों में क्या कहा गया?
व्यापार घाटे में वृद्धि के बावजूद, सेवाओं से प्राप्त शुद्ध आय में वृद्धि देखी गई है। दिसंबर तिमाही में, सेवाओं से प्राप्त शुद्ध आय 57.5 अरब डॉलर रही, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 51.2 अरब डॉलर थी। यह भारतीय अर्थव्यवस्था के सेवा क्षेत्र की मजबूती को दर्शाता है, जो व्यापार घाटे के प्रभाव को कुछ हद तक कम करने में सहायक है।
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