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अमेरिका-ईरान तनाव: ट्रंप की चेतावनी के बाद कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल, एमसीएक्स पर क्रूड रिकॉर्ड हाई पर

Tue, 07 Apr 2026 11:25 AM IST
Kumar Vivek बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तीन प्रतिशत का भारी उछाल आया है। इस दौरान एमसीएक्स पर क्रूड अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। ब्रेंट क्रूड, होर्मुज जलमार्ग और शेयर बाजार पर इसके प्रभाव की पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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अमेरिका और ईरान के बीच गहराते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दी गई मंगलवार की समयसीमा (डेडलाइन) के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उथल-पुथल मच गई है। इस तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य को ईरान के लिए फिर से खोलने की समयसीमा के सीधे असर से मंगलवार को वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में 3 प्रतिशत से अधिक का भारी उछाल दर्ज किया गया, जिससे कीमतें नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। एमसीएक्स पर भी क्रूड 300 रुपये बढ़कर 10,888 रुपये प्रति बैरल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। 
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कच्चे तेल की कीमतों में तेज वृद्धि 

कच्चे तेल के बाजार में दर्ज किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड फ्यूचर्स 3 प्रतिशत या 4.15 डॉलर से अधिक बढ़कर 116.56 डॉलर पर पहुंच गया है। वहीं, सुबह 9:57 बजे तक ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.69 प्रतिशत या 1.86 डॉलर की बढ़त के साथ 111.63 डॉलर के इंट्राडे उच्च स्तर पर कारोबार कर रहा था। ब्रेंट क्रूड ने इस संघर्ष की शुरुआत के बाद से 60 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की है, जो 27 फरवरी के 72.48 डॉलर के स्तर से उछलकर 9 मार्च तक 119.50 डॉलर तक पहुंच गया था।

एमसीएक्स पर कच्चे तेल के वायदा भाव रिकॉर्ड 10,888 रुपये प्रति बैरल पर
मंगलवार को वायदा कारोबार में कच्चे तेल की कीमतें 300 रुपये बढ़कर 10,888 रुपये प्रति बैरल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं। यह वृद्धि लगातार आपूर्ति संबंधी चिंताओं और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के बीच मजबूत वैश्विक ऊर्जा मानकों के अनुरूप रही।
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मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर, अप्रैल डिलीवरी के लिए कच्चे तेल की कीमत में 300 रुपये या 2.83 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 10,888 रुपये प्रति बैरल के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई।इसी तरह, मई अनुबंध में भी 170 रुपये या 1.82 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह एमसीएक्स पर 9,485 रुपये प्रति बैरल के नए रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया।

अमेरिकी राष्ट्रपति का आक्रामक रुख और गंभीर धमकियां
कीमतों में यह ताजा तेजी अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के संबंध में ईरान के प्रति दिखाए गए नए आक्रामक रुख के बाद आई है। राष्ट्रपति ट्रंप ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि तेहरान जलडमरूमध्य को खोलने की मंगलवार रात की समयसीमा का अनुपालन नहीं करता है, तो उस पर कहर बरपाया जाएगा । उन्होंने यह भी धमकी दी कि ईरान को "एक ही रात में खत्म" किया जा सकता है। ट्रंप के अनुसार, यदि कोई समझौता नहीं होता है, तो ईरान का हर पुल नष्ट कर दिया जाएगा और वहां के हर बिजली संयंत्र को हमेशा के लिए तबाह कर दिया जाएगा।

ऊर्जा आपूर्ति शृखला और ईरान की प्रतिक्रिया
दूसरी ओर, ऐसी खबरें हैं कि ईरान ने संघर्षविराम योजना को खारिज कर दिया है और दुनिया की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था के साथ अपनी लड़ाई जारी रखी है। वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य का सामरिक महत्व बहुत अधिक है:
  •  यह जलमार्ग दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से  के वैश्विक तेल प्रवाह को संभालता है।
  •  28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने के बाद से यह महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग लगातार बाधित है।
  •  इस गतिरोध के कारण इस साल  कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 90 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो औसतन 100 डॉलर के आंकड़े के आसपास बनी हुई है।
ऊर्जा बाजार की इस अस्थिरता का मिला-जुला असर वैश्विक इक्विटी बाजारों पर दिखाई दे रहा है। जहां अमेरिका में वॉल स्ट्रीट मामूली सकारात्मक रुख के साथ बंद हुआ और एशियाई शेयरों में मिला-जुला कारोबार देखा गया, वहीं भारतीय शेयर बाजारों में मंगलवार को गिरावट का रुख रहा। भारत के प्रमुख सूचकांक, सेंसेक्स और निफ्टी, 1 प्रतिशत तक गिरकर कारोबार कर रहे थे।
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