कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए लागू किए गए प्रतिबंधों के कारण सबसे बुरी तरह प्रभावित होने वाले यात्रा और पर्यटन क्षेत्र ने सरकार से प्रतिबंधों में ढील देने की मांग की है। ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (TAAI) की अध्यक्ष ज्योति मायाल ने कहा, सीमाओं को बंद करके कुछ हासिल नहीं होगा, कोरोना को यात्रा करने के लिए किसी बोर्डिंग पास की आवश्यकता नहीं है।
वित्तीय सहायता का किया आग्रह
प्रतिबंधों में ढील देकर सीमाओं को खोले जाने की मांग करने के साथ ही यात्रा और पर्यटन क्षेत्र ने इस सेक्टर को पुनर्जीवित करने के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान करने का भी आग्रह किया है। टीएएआई ने कहा है कि देश भर में यात्रा और पर्यटन उद्योग की मांग बढ़ रही है। कई देशों ने प्रतिबंधों में ढील दी है और यात्रा व पर्यटन क्षेत्र को सहायता प्रदान की है, लेकिन भारत में, इस क्षेत्र को आवश्यक समर्थन नहीं मिला है और यह जीवित रहने के लिए संघर्ष कर रहा है। ऐसे में ओमिक्रॉन वैरिएंट के कारण लगाए गए प्रतिबंधों में ढील दी जानी चाहिए।
सीमाओं को बंद रखने से नहीं रुकेगा प्रसार
ट्रैवल एजेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने सीमाओं को खोलने की वकालत करते हुए कहा है कि सीमाओं को बंद करने से वायरस का प्रसार नहीं रुकेगा और वायरस को न तो वाणिज्यिक उड़ानों पर यात्रा करने के लिए बोर्डिंग कार्ड की आवश्यकता है और न ही एयर बबल में। मायाल ने कहा कि हमें वाणिज्यिक उड़ानें खोलने पर सतर्क लेकिन तत्काल निर्णय लेने और सभी यात्रियों के लिए 7 दिन के होम क्वारंटीन को समाप्त करने की आवश्यकता है। उन्होंने सरकार से वित्तीय और अन्य सहायता प्रदान करके यात्रा और पर्यटन उद्योगों को बचाने का अनुरोध किया।