शुक्रवार को सेंसेक्स में 1,448 अंक और निफ्टी में 432 अंकों की कमजोरी देखने को मिली। यह लगातार छठा सत्र रहा, जब बाजार लाल निशान में बंद हुआ। इससे कुछ ही घंटों में निवेशकों के लगभग 5.46 लाख करोड़ रुपये डूब गए। बिकवाली इतनी तगड़ी थी कि धातु, आईटी, वाहन सहित कोई भी सूचकांक गिरावट से अछूता नहीं रहा।
दुनियाभर के 500 अमीरों की संपत्ति में बीते सप्ताह 444 बिलियन डॉलर यानी करीब 32 लाख करोड़ रुपये की कमी आई है, जो भारत के आम बजट से भी ज्यादा है। भारत ने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए करीब 30 लाख करोड़ रुपये का आम बजट पेश किया था। जबकि वित्त वर्ष 2019-20 में भारत का आम बजट 27 लाख करोड़ रुपये का था।
दुनिया के शीर्ष तीन अमीरों की इतनी घटी संपत्ति
ब्लूमबर्ग बिलेनियर्स इंडेक्स के अनुसार, बीते सप्ताह दुनिया के तीन सबसे अमीर व्यक्तियों अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस, माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स और एलवीएमएच के चेयरमैन बर्नार्ड अर्नाल्ट की संपत्ति में 30 बिलियन डॉलर यानी करीब 2.16 लाख करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई है।
10 बड़े अमीरों नेटवर्थ में 5.81 लाख करोड़ रुपये की कमी
कोरोनावायरस के कारण दुनिया के 10 बड़े अमीरों की संपत्ति में पिछले सप्ताह 5.81 लाख करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई है।
इनको हुआ सबसे अधिक घाटा
| नाम |
कंपनी |
संपत्ति में कमी |
| जेफ बेजोस |
अमेजन |
85,000 करोड़ रुपये |
| बिल गेट्स |
माइक्रोसॉफ्ट |
72,000 करोड़ रुपये |
| बर्नार्ड अर्नाल्ट |
एलवीएमएच |
65,000 करोड़ रुपये |
| एलन मस्क |
टेस्ला, स्पेस एक्स |
64,000 करोड़ रुपये |
| वॉरेन बफे |
बर्कशायर हैथवे |
64,000 करोड़ रुपये |
| अमानिको ऑर्टिगा |
इंडीटैक्स |
49,000 करोड़ रुपये |
| मार्क जुकरबर्ग |
फेसबुक |
47,000 करोड़ रुपये |
| लैरी पेज |
अल्फाबेट |
46,000 करोड़ रुपये |
| कार्लोस स्लिम |
अमेरिका मूविल |
45,000 करोड़ रुपये |
| सर्जे ब्रिन |
अल्फाबेट |
44,000 करोड़ रुपये |
दुनिया भर में निवेशकों के डूबे 216 लाख करोड़ रुपये
कोरोनावायरस की चिंताओं के बीच एशिया, अमेरिका, यूरोपीय देश भी गिरावट से अछूते नहीं रहे। अमेरिकी बाजार बेंचमार्क एसएंडपी 500 में 4.4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जो 2011 से अब तक की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट है। वहीं एशिया सहित दुनिया भर के बाजारों के लिए यह लगभग 11 साल का सबसे खराब हफ्ता रहा है। गिरावट इतनी तगड़ी रही कि इस हफ्ते दुनिया भर में निवेशकों के लगभग 3 लाख करोड़ डॉलर (216 लाख करोड़ रुपये) डूब गए।