देश में कोरोना वायरस के मामले बढ़ने और घरेलू शेयर बाजारों में कमजोरी के रुख के बीच बुधवार को रुपया 70 पैसे टूटकर 76.34 प्रति डॉलर के अपने सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ। ऐसी अटकलें हैं कि सरकार 21 दिन की लॉकडाउन की अवधि को 14 अप्रैल से आगे बढ़ा सकती है।
फॉरेक्स डीलरों ने कहा कि ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिकी डॉलर इंडेक्स मजबूत होने की वजह रुपये की धारणा पर असर पड़ा। कारोबारियों ने कहा कि कोरोना वायरस के देश दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर को लेकर निवेशकों की धारणा कमजोर बनी हुई है।
अंतरबैंक विदेशी विनिमय बाजार में रुपया 75.83 प्रति डॉलर पर कमजोर खुला। बाद में इसमें और गिरावट आई। अंत में रुपया 70 पैसे की बड़ी गिरावट के साथ 76.34 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। मंगलवार को रुपया 75.64 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। कोराना वायरस के कारण रिजर्व बैंक ने 7-17 अप्रैल तक विदेशी मुद्राओं, सरकारी बांड और कॉल मनी बाजार में कारोबार का समय घटा कर सुबह 10 से दोपहर बाद दो बजे तक कर दिया है।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के प्रमुख-परामर्श (पीसीजी) देवर्ष वकील ने कहा कि अन्य एशियाई मुद्राओं के रुख की वजह से अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में जोरदार गिरावट आई। इसके अलावा डॉलर इंडेक्स ऊंची होने से भी रुपये की धारणा प्रभावित हुई। छह मुद्राओं की तुलना में डॉलर की मजबूती का संकेत देने वाला डॉलर इंडेक्स 0.25 फीसदी की बढ़त के साथ 100.15 पर पहुंच गया।