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लॉकडाउन 2.0: क्या इन उद्योगों को मिलेगी राहत? बड़े एलान संभव

Mon, 13 Apr 2020 01:21 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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लॉकडाउन - फोटो : PTI
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कोरोना से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशव्यापी लॉकडाउन के दूसरे चरण का एलान कर सकते हैं। अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए भी अहम घोषणाएं हो सकती हैं। उद्योग मंत्रालय ने प्रधानमंत्री को सिफारिश भेजी है कि 30 फीसदी स्टाफ के साथ कई उद्योगों में काम शुरू किया जा सकता है।

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उद्योगों व सड़क परियोजनाओं समेत कोरोना मुक्त जिलों को शर्तों के साथ राहत दी जा सकती है। सरकार ने कपड़ा, रसायन, इलेक्ट्रॉनिक्स, इस्पात और दवा उद्योग से सुझाव मांगे थे। इन सुझावों को पीएम अपनी घोषणा में शामिल कर सकते हैं। 

इन उद्योगों को मिल सकती है राहत 

  • एमएसएमई और बड़ी कंपनियां जिनके पास निर्यात के ऑर्डर हैं।
  • भारी विद्युत उपकरण, कंप्रेसर, कंडेंसर यूनिट, दूरसंचार उपकरण निर्माता कंपनियां।
  • स्टील लौह अयस्क मिल
  • पावरलूम
  • रक्षा उत्पाद
  • सीमेंट प्लांट
  • कागज उद्योग
  • उर्वरक
  • बीज शोधन इकाइयां
  • सभी खाद्य व पेय पदार्थ
  • ऑटो पार्ट्स
  • प्लास्टिक उत्पाद
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इस बीच सामाजिक दूरी का सख्ती से पालन करना होगा। बड़े उद्योग व एमएसएमई प्रोटोकॉल का पालन व मजदूरों के रहने-खाने के इंतजाम के साथ सशर्त काम शुरू कर सकेंगे। 

टेक्सटाइल, ऑटो और इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफक्चरिंग में एक शिफ्ट में काम शुरू हो सकता है। लेकिन इसमें कर्मचारियों की संख्या 25 से 30 फीसदी तक सीमित रह सकती है। मंत्रालय ने कहा कि हाउसिंग और निर्माण क्षेत्र के श्रमिकों को साइट पर ही रखा जाए। साथ ही वहां सैनिटाइजेशन का प्रबंध भी किया जाए।

सीमेंट इंडस्ट्री की बात करें, तो मांग के अनुसार, कंपनियों में तीन शिफ्टों में भी काम हो सकता है। साथ ही जेम्स एंड ज्वेलरी एवं कम संक्रमण वाली कागज फैक्ट्रियों में भी काम हो सकता है। 

छोटी दुकानों को खोलने की मिले अनुमति: FRAI
फेडरेशन ऑफ रिटेलर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एफआरएआई) ने सोमवार को सरकार से आग्रह किया कि छोटी दुकानों को खोलने की इजाजत दी जाए क्योंकि लॉकडाउन के बाद छोटे दुकानदारों की दैनिक आमदनी पूरी तरह बंद हो गई है। इसके साथ ही इन दुकानदारों को क्षतिपूर्ति देने की मांग भी की गई।
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एफआरएआई के मुताबिक वह देश भर के 34 खुदरा संगठनों का प्रतिनिधित्व करता है, जिसमें बेहद छोटे से लेकर मझोले आकार के दुकानदार शामिल हैं।

एफआरएआई ने कहा कि लॉकडाउन के चलते इन खुदरा दुकानदारों की पूरी पूंजी बिना बिके सामानों में फंसकर रह गई है। व्यापार संघ ने कहा कि वे अब अपने परिवार की भोजन संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए अपनी छोटी बचत खर्च कर रहे हैं।

इस संदर्भ में एफआरएआई के अध्यक्ष राम आसरे मिश्रा ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने अपने सदस्यों की कठिनाइयों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें तत्काल अपनी दुकानें खोलने की इजाजत दी जानी चाहिए।

आर्थिक पैकेज की घोषणा करें प्रधानमंत्री 
उन्होंने कहा, ‘हम प्रधानमंत्री जी से अपील करते हैं कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत छोटे खुदरा विक्रेताओं को दैनिक आय में नुकसान की भरपाई के लिए एक आर्थिक पैकेज की घोषणा करें।’
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