14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद से ही पाकिस्तान में हलचल मची हुई है। इस आतंकी हमले के बाद न सिर्फ भारत, बल्कि कई देशों ने पाकिस्तान का जमकर विरोध किया था। हमले के बाद से भारत सरकार ने पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) का दर्जा भी छीन लिया था। इस हमले से पहले पड़ोसी मुल्क में महंगाई दर 2.2 फीसदी थी। लेकिन अब पाकिस्तान की स्थिति पहले जैसी नहीं है। पुलवामा हमले के करीब दो महीने बाद पाकिस्तान ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स के अनुसार, आज वहां महंगाई दर 9.4 फीसदी है। पाकिस्तान की जनता आज महंगाई के कारण परेशान है। इस सबके बीच इमरान खान के लिए अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना सबसे बड़ी चुनौती है।
पड़ोसी मुल्क में सिर्फ खाने पीने की चीजें ही नहीं, बल्कि दवाइयां भी महंगी हो गई हैं। इसके मद्देनजर ड्रग रेग्यूलेटरी अथॉरिटी ने कराची, लाहौर और पेशावर में 28 दवा कंपनियों के ठिकानों पर छापेमारे हैं। इतना ही नहीं, इन कंपनियों के गोदामों से 83 तरह की दवाइयां जब्त भी की गई हैं। इस संदर्भ में पाकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्री आमिर महमूद कियानी ने कहा कि सरकार देशभर में मुनाफाखोरी के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगी। सरकार ने ऑडिटर जनरल को ड्रग रेग्यूलेटरी अथॉरिटी के खातों का ऑडिट करने को कहा है।