उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) जोन के इलाहाबाद, झांसी और आगरा मंडल के विभिन्न रेलवे स्टेशनों के 200 प्लेटफार्म पर कोच गाइडेंस बोर्ड लगाने का रास्ता साफ हो गया है। इसमें बी कैटेगरी के भी स्टेशन शामिल है। इसके लग जाने के बाद यात्रियों को ट्रेन आने के पहले ही जानकारी हो जाएगी कि उनका कोच प्लेटफार्म के किस स्थान पर आएगा।
एनसीआर जोन के ए वन ग्रेड के सभी और ए ग्रेड के कुछ स्टेशनों के पर ही अभी कोच गाइडेंस बोर्ड लगे हुए हैं। इसकी मदद से यात्रियों को प्लेटफार्म पर आने वाली ट्रेन के कोचों की स्थिति पहले से ही मालूम पड़ जाती है और यात्री संबंधित कोच में आसानी से चढ़ जाते हैं। बड़े स्टेशनों के मुसाफिरों को यह सुविधा काफी पहले से ही मिल रही है, लेकिन छोटे स्टेशनों के यात्री इस सुविधा से अब तक वंचित है।
क्योंकि ज्यादातर ए और बी श्रेणी के स्टेशनों पर मेल एक्सप्रेस ट्रेनों को स्टॉपेज एक से पांच मिनट तक ही है। इस वजह से ट्रेन आने के बाद यात्रियों को जल्द से जल्द उसमें सवार होना पड़ता है। कोच की स्थिति ना मालूम होने से यात्री जाने अनजाने में दूसरे कोचों में चढ़ जाते हैं।
यात्रियों की इस असुविधा को देखते हुए एनसीआर प्रशासन ने अपने ए और बी ग्रेड के सभी स्टेशनों पर कोच गाइडेंस बोर्ड लगाने का प्रस्ताव रेल मंत्रालय को भेजा। रेल मंत्रालय ने एनसीआर के इस प्रस्ताव पर हरी झंडी दिखा दी है। इसके लिए 11 करोड़ रुपये का बजट भी जारी किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि अभी एनसीआर के विभिन्न स्टेशनों के 200 प्लेटफार्म पर इस तरह के बोर्ड लगाए जाएंगे। इन स्टेशनों में ललितपुर, बांदा, उरई, अतर्रा, डबरा, फतेहपुर, शिकोहाबाद, हाथरस, विंध्याचल, चुनार, भरवारी, कोसी, धौलपुर, खजुराहो, मानिकपुर, चित्रकूट धाम कर्वी आदि स्टेशन शामिल है।