देशवासियों को जल्द ही सस्ते हवाई ईंधन और सीएनजी-पीएनजी का तोहफा मिल सकता है। जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक में सरकार इसका एलान कर सकती है। फिलहाल पांच पेट्रोलियम उत्पाद हैं, जोकि जीएसटी के दायरे से बाहर हैं।
अगर जीएसटी काउंसिल ऐसा करती है तो फिरलोगों और हवाई कंपनियों को एक फिक्स टैक्स जीएसटी के तौर पर देना होगा। अभी इनके जीएसटी से बाहर होने के चलते लोगों और कंपनियों को ज्यादा पैसा देना पड़ता है।
फिलहाल वित्त मंत्रालय ने इस प्रस्ताव को तैयार करना शुरू कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक अभी कच्चा तेल, पेट्रोल, डीजल, हवाई ईंधन और प्राकृतिक गैस जीएसटी में नहीं आते हैं। इनमें से आखिरी दो वस्तुओं को जीएसटी में शामिल करने के लिए बैठक में एक प्रस्ताव लाया जा सकता है।
नई सरकार के आने के बाद यह जीएसटी काउंसिल की पहली बैठक होगी। पेट्रोलियम मंत्रालय पहले ही से इनको जीएसटी में लाने का प्रस्ताव दे चुका है। हालांकि रसोई गैस, केरोसिन और नेप्था को जीएसटी में पहले ही शामिल किया जा चुका है।
तेल कंपनियों को फिलहाल काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। टैक्स की गणना जीएसटी और पुराने वैट व बिक्री कर के जरिए होने से ऐसा होता है। वहीं कंपनियां टैक्स क्रेडिट को एक दूसरी जगह ट्रांसफर भी नहीं कर सकती है।