क्या घटेगी बेरोजगारी
व्यापारिक संगठन कैट के प्रमुख सदस्य सुमित अग्रवाल ने अमर उजाला से कहा कि बाज़ार में अभी भी अनिश्चितता का माहौल है। व्यापार में ढील देने से बाज़ार खुले हैं, लोग बाज़ारों में पहुंच रहे हैं, लेकिन लोगों के हाथ में नकदी नहीं है, लिहाजा लोग खर्च करने से बच रहे हैं और बाज़ार में तेजी नहीं आ रही है।
कोरोना की तीसरी लहर के आने के समय और इसके असर को लेकर लोगों में अनिश्चितता है। देश के शीर्ष वैज्ञानिक-डॉक्टरों ने दो-तीन महीने में दोबारा कोरोना की लहर आने की आशंका व्यक्त की है। इस माहौल में व्यापारी बाज़ार में पैसा लगाने से बच रहा है क्योंकि अगर कोरोना की तीसरी लहर ज्यादा भयावह हुई और इसके कारण लॉकडाउन लगाना पड़ा तो व्यापारियों को डर है कि उनका पैसा लंबे समय के लिए फंस सकता है। इससे भी बाज़ार में सुस्ती बनी हुई है।
कैसे घटेगी बेरोजगारी
माना जा रहा है कि देश के विभिन्न हिस्सों में लॉकडाउन में छूट दिए जाने के कारण इस दौरान आर्थिक गतिविधियां बढ़ी हैं और इसके कारण बेरोजगारी दर में कमी आई है। मई माह की तुलना में जून माह में अब तक बेरोजगारी दर में गिरावट दर्ज की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में धान की बुवाई के कामकाज शुरू होने से वहां भी बेरोजगारी दर में कमी आई है। दिल्ली सहित देश के विभिन्न राज्यों में आज से अन्य क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों में भी छूट मिल रही है, इसलिए उम्मीद की जा रही है कि अब बेरोजगारी दर में गिरावट आएगी।