चीन को पिछले कुछ दशकों में अपने निर्यात आधारित विकास की नीतियों से लाभ जरूर हुआ पर अब वह समय आ गया है जब उसे वृद्धि के लिए घरेलू स्रोतों का रुख करना चाहिए। आईएमएफ की प्रबंध निदेशक (आईएमएफ) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने ये बात कही है। उन्होंने कहा कि चीन को अपने बाजार के लिए और अधिक अवसर खोलना चाहिए।
जॉर्जीवा ने कहा, "चीन की राह में कांटे हैं। क्यों? क्योंकि चीन को भविष्य के लिए विकास की रणनीतियों को परिभाषित करना होगा। चीन को पिछले दशकों में अपनी खास नीतियों, जिनमें निर्यात-उन्मुख विकास शामिल है, का लाभ मिला है। लेकिन अब विकास के लिए घरेलू स्रोतों की ओर देखने का समय आ गया है। उन्हें अपने बाजार के लिए संभावनाओं को बढ़ाने के उद्देश्य से और अधिक अवसर खोलने की जरूरत है।"
उन्होंने कहा कि आईएमएफ को चीन के लिए तीन महत्वपूर्ण अवसर नजर आ रहे हैं। पहला, अर्थव्यवस्था को घरेलू खपत की ओर और अधिक परिवर्तित करना। यह वास्तव में चीन की दोहरी परिसंचरण अर्थव्यवस्था के अनुरूप है। यह उपभोक्ताओं को अधिक आत्मविश्वास देने और उन्हें अधिक सेवाएं व वस्तुए खरीदने के लिए प्रेरित करेगा।
उन्होंने कहा, "हम जानते हैं कि चीन में स्वास्थ्य सेवाओं में काफी विस्तार हो सकता है। हम जानते हैं कि सामाजिक सुरक्षा जाल को अधिक प्रभावी ढंग से काम करने के लिए लोगों को थोड़ा कम बचत करने, थोड़ा अधिक खर्च करने का मौका मिलेगा।" आईएमएफ के प्रबंध निदेशक ने कहा, चीन अपनी वृद्धि को बनाए रखने के लिए कुछ महत्वपूर्ण फैसले ले रहा है। ऐसे में वह घरेलू खपत बढ़ाने के लिए जितने अधिक कदम उठाए, उतना बेहतर होगा।