अधिसूचना के मुताबिक, दिल्ली को छोड़कर ज्यादातर केंद्र शासित प्रदेशों में कोई स्वतंत्र पीठ नहीं है और इसे दूसरे राज्यों के साथ साझा करना होगा। गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान, तमिलनाडु और महाराष्ट्र में 2-2 बेंच होंगी।
जीएसटी लागू होने के छह वर्षों के लंबे इंतजार के बाद पहले चरण में केंद्र सरकार ने जीएसटी अपीलीय प्राधिकरण गठित करने की अधिसूचना जारी कर दी है। 28 राज्यों और आठ केंद्र शासित प्रदेशों में प्राधिकरण की 31 बेंच होंगी। इनमें सबसे अधिक पांच बेंच उत्तर प्रदेश में होंगी। यह बेंच गाजियाबाद, लखनऊ, आगरा, वाराणसी और प्रयागराज में होंगी।
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इस गठन से कारोबारियों के विवादों का तेजी से निपटान होगा। फिलहाल किसी विवाद के लिए उच्च अदालत में शिकायतकर्ता को जाना होता है। अधिसूचना के मुताबिक, दिल्ली को छोड़कर ज्यादातर केंद्र शासित प्रदेशों में कोई स्वतंत्र पीठ नहीं है और इसे दूसरे राज्यों के साथ साझा करना होगा। गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान, तमिलनाडु और महाराष्ट्र में 2-2 बेंच होंगी।
इस गठन के बाद अब न्यायाधिकरणों के लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान, योग्य सदस्यों की नियुक्ति और जरूरी बुनियादी ढांचे और संसाधन उपलब्ध कराने का अगला चरण शुरू होगा। 2017 में लागू किए गए जीएसटी ने पूरे देश के लिए एक प्रभावी तरीका बनाया। हालांकि, प्राधिकरण नहीं होने से शिकायतों का हल निकालना मुश्किल हो गया। अदालतों में मामलों की लाइन लग गई थी।
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2022 में हुआ था मंत्रियों के समूह का गठन
जुलाई 2022 में जीएसटी प्राधिकरण की स्थापना को लेकर मंत्रियों के एक समूह का गठन किया गया था। बाद में फरवरी 2023 में, काउंसिल ने प्राधिकरण की स्थापना की इजाजत देते हुए रिपोर्ट पारित करने पर सहमति जताई थी। हालांकि, अब भी इस पर कोई सफाई नहीं है कि ये कस्टम, एक्साइज और सर्विसेज टैक्स अपीलीय प्राधिकरण की जगह लेगा या नहीं।