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प्रवासी मजदूरों के लिए रोजगार के अवसर खोज रही केंद्र सरकार

Sat, 06 Jun 2020 11:08 AM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रवासी मजदूर (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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प्रवासी मजदूरों की दुर्दशा पर स्वतः संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की। उच्चतम न्यायालय ने रास्ते में फंसे हुए प्रवासी कामगारों को उनके पैतृक स्थानों तक पहुंचाने के लिए केंद्र और राज्यों को 15 दिन का वक्त देने की सोच रहा है। साथ ही अदालत ने राज्यों को प्रवासी मजदूरों को रोजगार मुहैया कराने के भी निर्देश दिए हैं। 

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लॉकडाउन के बीच लाखों प्रवासी कामगार वापस अपने शहर लौटे। नरेंद्र मोदी सरकार सड़क निर्माण से लेकर हॉर्टीकल्चर तक, प्रवासी कामगारों के लिए रोजगार के विकल्प खोज रही है। इसके अतिरिक्त कोरोना वायरस के बाद आवश्यकताओं के अनुरूप सरकार उनके कौशल को उन्नत करने की पहल की योजना भी बना रहा है।

ग्रामीण विकास, कृषि, पशुपालन, कौशल विकास और सड़क परिवहन मंत्रालयों की मदद से प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा रोजगार सृजन और कौशल उन्नयन प्रोग्राम तैयार किया जा रहा है, जिससे श्रमिकों को फायदा होगा।
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निर्माण कार्य अधिकारियों ने कहा कि 25 मार्च को लॉकडाउन प्रभावी होने के बाद अपने गृह राज्यों में लौटने वाले अधिकांश प्रवासी श्रमिक निर्माण क्षेत्र में कार्यरत थे।

लाखों स्किल्ड और सेमी-स्किल्ड श्रमिक और दैनिक वेतन भोगियों ने शहरों को छोड़ दिया है और ट्रेन, बसों और ट्रकों से वापस लौट आए हैं। पिछले दो महीनों में अपनी आजीविका खोने के कारण कई कारखाने और वाणिज्यिक बंद हो गए। कार्यकर्ता मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के हैं। सरकार द्वारा लॉकडाउन में धीरे-धीरे ढील दी जा रही है। ऐसे में श्रमिक जल्द ही शहरों में वापस जाना शुरू कर सकते हैं।

रोजगार की योजना बनाने में शामिल एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जॉब गारंटी प्रोग्राम, गरीबों और गांव के सड़क निर्माण के लिए रूरल हाउसिंग के जरिए नौकरी प्रदान की जाएगी। अधिकारी ने कहा, 'इन योजनाओं के अलावा, हम हॉर्टिकल्चर, पशुपालन और सड़क निर्माण कार्यों में भी उनका समर्थन कर रहे हैं।'

योजना से जुड़े अधिकारी के अनुसार, कार्यक्रम जून में शुरू होगा और कम से कम चार महीने तक चलेगा। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) विनिर्माण में प्रमुख नियोक्ताओं में से एक हैं, लेकिन अभी प्रवासी श्रमिकों के लिए इसमें संभावना कम है क्योंकि सेक्टर खुद एक मुश्किल दौर से गुजर रहा है।

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