कोविड-19 महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित पर्यटन क्षेत्र को मजबूत राहत पैकेज के जरिये सरकार ने संजीवनी दी है। टूर एंड ट्रैवल क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों को 10 लाख तक गारंटी वाले कर्ज से दोबारा खड़े होने का सहारा मिलेगा, तो टूरिस्ट गाइड को भी एक लाख तक की वित्तीय मदद दी जाएगी। इसके अलावा निर्यात क्षेत्र की बीमा राशि बढ़ाए जाने से निर्यातकों को प्रोत्साहन मिलेगा।
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि संक्रमण से राहत के बाद जब विदेशी सैलानियों के लिए भारत के दरवाजे खोले जाएंगे, तो पहले पांच लाख सैलानियों से मेडिकल वीजा शुल्क नहीं वसूला जाएगा। इस घोषणा से विदेशी पर्यटक भारत आने के लिए प्रोत्साहित होंगे, जो घरेलू पर्यटन क्षेत्र को सबसे बड़ा राजस्व देते हैं। 2019 में करीब 1.09 लाख विदेशी सैलानी भारत आए और यहां कुल 2.22 लाख करोड़ रुपये खर्च किए। मार्च, 2022 तक लागू इस योजना पर कुल 100 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। एक विदेशी पर्यटक भारत में औसतन 21 दिन रुकता है और प्रतिदिन करीब 2,400 रुपये खर्च करता है। इन पर्यटकों के लिए अमेरिका के मुकाबले भारत में इलाज का खर्च 65-90 फीसदी सस्ता पड़ता है।
गाइड और ट्रैवल एजेंसी को 8.25 फीसदी ब्याज पर कर्ज
वित्तमंत्री ने टूरिस्ट गाइड व छोटी ट्रैवल कंपनियों को गारंटी वाला कर्ज दिलाने की बात कही है। पंजीकृत कंपनियों को 10 लाख रुपये तक कर्ज मिलेगा, जिस पर 8.25 फीसदी का सालाना ब्याज वसूला जाएगा। वहीं, करीब 11 हजार पंजीकृत गाइड्स को अधिकतम एक लाख रुपये का कर्ज दिया जाएगा। इस पर भी सालाना ब्याज दर 8.25 फीसदी रहेगी। दोनों ही कर्ज पर प्रोसेसिंग शुल्क नहीं वसूला जाएगा। गाइड को मिलने वाले कर्ज पर कुल 110 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
305 उत्पादों के निर्यात पर बढ़ेगा बीमा कवरेज
निर्यात क्षेत्र को बढ़ावा देने और निर्यातकों के लिए आसान कर्ज उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (ईसीजीएस) को 88 हजार करोड़ की मदद का एलान किया है। इससे निर्यात किए जाने वाले 305 उत्पादों पर बीमा कवरेज का दायरा बढ़ेगा। योजना का सबसे ज्यादा लाभ एमएसएमई को मिलेगा और छोटे निर्यातक अपने उत्पादों के लिए बैंकों से आसानी से कर्ज ले सकेंगे।
पीएलआई में 6 फीसदी तक प्रोत्साहन एक साल बढ़ा
मोबाइल, एसी, फ्रिच, लैपटॉप, कंप्यूटर जैसे इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद बनाने वाली कंपनियों को उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना का लाभ एक साल और मिलेगा। योजना की अवधि 2025-26 कर दी गई है, जिसमें हर साल बढ़त के आधार पर 6-4 फीसदी का नकद प्रोत्साहन मिलेगा। एलईडी-एसी उत्पादन पर 6,238 करोड़ व लैपटॉप-आईटी पर 7,350 करोड़ का प्रोत्साहन दिया जा रहा है। योजना में 10 लाख करोड़ के मोबाइल उत्पादन का लक्ष्य है।