सरकार ने घरेलू आपूर्ति को बढ़ाने व खुदरा कीमतों को काबू में करने के प्रयासों के तहत थोक उपभोक्ताओं को ई-नीलामी के जरिये 3.46 लाख टन गेहूं और 13,164 टन चावल बेचा है। सरकारी बयान के मुताबिक, 20 नवंबर को आयोजित 26वीं ई-नीलामी में चार लाख टन गेहूं और 1.93 लाख टन चावल की पेशकश की गई थी। ई-नीलामी में 3.46 लाख टन गेहूं व 13,164 टन चावल क्रमश: 2,178.24 रुपये प्रति क्विंटल और 2905.40 रुपये प्रति क्विंटल के भारित औसत पर बेचा गया। चावल, गेहूं और आटे की खुदरा कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार गेहूं व चावल दोनों की साप्ताहिक ई-नीलामी आयोजित कर रही है। नोडल एजेंसी भारतीय खाद्य निगम ई-नीलामी कर रही है। केंद्र सरकार ने मार्च, 2024 तक खुला बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के लिए 101.5 लाख टन गेहूं आवंटित किया है।
एलआईसी एक बार में भी घटा सकती है हिस्सा
एलआईसी 10 साल में न्यूनतम 25 फीसदी हिस्सेदारी नियमों को एक बार में भी पूरा कर सकती है। सरकार ने मंजूरी दे दी है। नियमों के मुताबिक, उसे केंद्र का हिस्सा घटाकर 75 फीसदी पर लाना होगा, जो अभी 96.5 फीसदी है। एलआईसी ने आईपीओ में 3.5% हिस्सा बेचा था।
नीलाम होंगी पांच कंपनियों की संपत्तियां
सेबी अवैध रूप से जुटाए पैसे की वसूली के लिए 22 जनवरी को सनहेवन एग्रो इंडिया व रविकिरण रियल्टी इंडिया समेच पांच कंपनियों की 13 संपत्तियां नीलामी करेगा। अन्य कंपनियों में जस्ट रिलायबल प्रोजेक्ट्स इंडिया लि., ओरियन इंडस्ट्रीज व रखाल भरोती समूह शामिल हैं।
रियल एस्टेट में पीई निवेश 44 फीसदी घटा
रियल एस्टेट क्षेत्र में प्राइवेट इक्विटी (पीई) निवेश चालू वर्ष में 12 दिसंबर तक 44 फीसदी घटकर 25,000 करोड़ रह गया। एक साल पहले यह 44,000 करोड़ था। नाइट फ्रैंक के अनुसार, एक जनवरी से 12 दिसंबर तक 23 सौदे हुए हैं।
कृषि श्रमिकों के लिए खुदरा महंगाई बढ़कर 7.37 फीसदी
कृषि श्रमिकों के लिए खुदरा महंगाई नवंबर में बढ़कर 7.37 फीसदी और ग्रामीण श्रमिकों के लिए 7.13 फीसदी पहुंच गई। कुछ खाद्य पदार्थों की ऊंची कीमतों के कारण महंगाई दर में बढ़त दिखी है। अक्तूबर में यह 7.08 फीसदी और 6.92 फीसदी रही थी। श्रम मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, कृषि और ग्रामीण कामगारों के लिए खाद्य महंगाई की दर नवंबर में 9.38 फीसदी और 9.14 फीसदी पर रही है। अक्तूबर में यह 8.42 फीसदी और 8.18 फीसदी रही थी।