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कर्ज पर सीलिंग: सुप्रीम कोर्ट ने केरल सरकार की याचिका पर दिया आदेश, मामला पांच जजों की संविधान पीठ को भेजा

Mon, 01 Apr 2024 03:02 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Ceiling on net borrowing: केरल सराकर की ओर से दाखिल याचिका में केंद्र पर कर्ज की सीमा तय कर राज्य के वित्त नियमन के लिए अपनी 'विशेष, स्वायत्त और पूर्ण शक्तियों' के इस्तेमाल में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया गया है
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने कुल उधारी की अधिकतम सीमा से जुड़े मसले पर केरल सरकार की ओर से दायर वाद को पांच सदस्यीय संविधान पीठ के पास भेज दिया है। न्यायमूर्ति सूर्य कांत और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ ने राज्य सरकार की याचिका पर आदेश पारित किया है। 

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याचिका में केंद्र पर कर्ज की सीमा तय कर राज्य के वित्त नियमन के लिए अपनी 'विशेष, स्वायत्त और पूर्ण शक्तियों' के इस्तेमाल में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया गया है।  पीठ ने संविधान के अनुच्छेद 293 का हवाला दिया जो राज्यों द्वारा उधार लेने से संबंधित है और कहा कि इस प्रावधान पर अभी तक शीर्ष अदालत की ओर से कोई प्रामाणिक व्याख्या उपलब्ध नहीं है।

संविधान के अनुच्छेद 131 के तहत दायर एक मूल मुकदमे में, केरल सरकार ने कहा है कि संविधान राज्यों को विभिन्न अनुच्छेदों के तहत अपने वित्त को विनियमित करने के लिए राजकोषीय स्वायत्तता प्रदान करता है, और कर्ज सीमा जैसे विषय राज्य के कानून द्वारा विनियमित होते हैं।
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संविधान का अनुच्छेद 131 केंद्र और राज्यों के बीच किसी भी विवाद में शीर्ष अदालत के मूल अधिकार क्षेत्र से संबंधित है।

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