सीईए ने कहा, विकासशील देशों के नजरिये से जलवायु परिवर्तन के खिलाफ सबसे अच्छा बीमा निरंतर आर्थिक वृद्धि है। 2022 में प्राकृतिक आपदाओं से वैश्विक अर्थव्यवस्था को 275 अरब डॉलर का नुकसान हुआ था। इसमें 45 फीसदी नुकसान को बीमा कवर मिला था, जिस पर 125 अरब डॉलर खर्च हुए।
मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी अनंत नागेश्वरन ने कहा, जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए विकसित देशों के कार्बन सीमा समायोजन व्यवस्था (सीबीएएम) जैसे उपाय विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए उचित नहीं हैं।
यूरोपीय संघ ने भारत और चीन जैसे देशों के इस्पात व सीमेंट जैसे कुछ उत्पादों पर एक जनवरी, 2026 से कार्बन कर लगाने का फैसला किया है। जलवायु वित्त पर आयोजित कार्यशाला में सीईए ने बृहस्पतिवार को कहा, विकसित देश जिस तरह का प्रीमियम विकासशील दुनिया को देने पर विचार कर रहे हैं, वह सीबीएएम नहीं हो सकती है। यूरोपीय संघ का कार्बन कर भारतीय निर्यातकों का लाभ प्रभावित कर सकता है।
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दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने व आयात घटाने पर सरकार का जोर
दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक व उपभोक्ता भारत 2027 तक दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने और आयात घटाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने बृहस्पतिवार को कहा, घरेलू दलहन उत्पादन में पहले ही उल्लेखनीय प्रगति हुई है। यह 2014 के 1.7 करोड़ टन से काफी अधिक हो चुका है। इस साल के लिए उत्पादन लक्ष्य 2.95 करोड़ टन रखा गया है। मुंडा ने एक सम्मेलन में कहा, भारत चने व कई अन्य दलहन फसलों में आत्मनिर्भर हो गया है। सिर्फ अरहर और उड़द में कमी रह गई है। दलहन उत्पादन बढ़ाने का खाका बनाया गया है। भारत सालाना 35 लाख टन दलहन आयात करता है।
4,000 कर्मियों को नौकरी से निकाल सकती है सिस्को
सिस्को सिस्टम 4,000 कर्मचारियों को निकाल सकती है। यह कंपनी के वैशि्वक कर्मचारियों की संख्या का 5 फीसदी है। सिस्को सिस्टम ने कहा, राजस्व घटने की आशंका के बीच लागत में कटौती के लिए यह फैसला लिया गया है। कंपनी ने राजस्व का अनुमान 55 अरब डॉलर से घटाकर 52.5 अरब डॉलर कर दिया है। इससे उसके शेयर पांच फीसदी तक टूट गए। कंपनी के सीईओ चार्ल्स रॉबिन्स ने कहा, हमारे टेल्को और केबल सेवाप्रदाता ग्राहकों से आगे भी हमें कमजोर मांग दिख रही है। इससे सिस्को का दूरसंचार कारोबार प्रभावित होगा।
नवीकरणीय ऊर्जा...6 साल में 30 लाख करोड़ के निवेश की जरूरत
देश को अपनी कार्बन उत्सर्जन कटौती की प्रतिबद्धताएं पूरी करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा में छह वित्त वर्षों में 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश की जरूरत है। सरकार का लक्ष्य 2070 तक शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जक देश बनने का है। भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (आईआरईडीए) के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक प्रदीप कुमार दास ने विश्व बैंक के एक वेबिनार में कहा, सौर, इलेक्ट्रोलाइजर, पवन-बैटरी, हरित हाइड्रोजन और अपशिष्ट से बिजली उत्पादन क्षेत्रों के लिए क्षमता तैयार करने में निवेश की जरूरत होगी। बिजली मंत्रालय के बयान के मुताबिक, इरेडा प्रमुख ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर शुरू ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ को दूरदर्शी परियोजना बताया। कहा, यह पहल देश में छत पर सौर ऊर्जा क्षेत्र को अभूतपूर्व ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए तैयार है।
21 लाख निवेशकों को मिले 1,022 करोड़
सेबी ने पीएसीएल के 21 लाख निवेशकों को अब तक 1,022 करोड़ रुपये का रिफंड दिया है। यह रकम उन निवेशकों को मिली है, जिनका दावा 19,000 रुपये तक था। पीएसीएल ने अवैध निवेश योजना के जरिये लोगों से कृषि और रियल एस्टेट कारोबार के नाम पर 60,000 करोड़ रुपये जुटाए थे। 2014 में सेबी ने पीएसीएल की सभी संपत्तियों को जब्त करने और 9 प्रवर्तकों को निवेशकों की पूरी रकम लौटाने का आदेश दिया था।
अदाणी समूह: कंपनियों की रेटिंग में सुधार
मूडीज व एसएंडपी जैसी अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसियों ने अदाणी समूह की कंपनियों की रेटिंग में सुधार किया है। एजेंसियों ने समूह की कुछ कंपनियों की रेटिंग स्थिर रखी है, जबकि कुछ की रेटिंग को अपग्रेड किया है। मूडीज ने कहा, समूह ने विभिन्न कर्ज लेनदेन पूरे किए हैं। बड़े लेनदेन भी किए हैं। एसएंडपी ने कहा, समूह के खिलाफ अधिकांश जांच में कोई सबूत नहीं मिले हैं। इससे नकारात्मक जोखिम कम हो गया है।