भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने भारतीय रेलवे के एक टेंडी में गुटबंदी और निविदाओं में बोली में हेरा-फेरी के मामले में सात फर्मों को दोषी पाया है और उन्हें जुर्माने की कार्रवाई करते हुए दंडित किया है।
सीसीआई ने पाया कि कंपनियों/फर्मों ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कीमतों का निर्धारण, निविदाएं आवंटित करने, आपूर्ति और बाजार को नियंत्रित करने, बोली की कीमतों को समन्वयित करने और बोली प्रक्रिया में धांधली करके रेलवे को सुरक्षात्मक ट्यूबों की आपूर्ति में शामिल पाया गया है। नियामक ने कहा कि गुटबंदी में लिप्त कंपनियों में एक के द्वारा फाइल कम पेनल्टी के आवेदन के आधार पर यह मामला शुरू किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, इन सात कंपनियों के दस लोगों को इस मामले में लिप्त पाया गया है। सीसीआई ने कहा है कि कंपटीशन एक्ट के नियमों का उल्लंघन करने के मामले में दोषी पाए जाने पर इन कंपनियों पर औसत टर्नओवर को पांच फीसदी जुर्माना लगाया गया है।