केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मणिपुर वायरल वीडियो मामले में गुवाहाटी में सीबीआई अदालत के विशेष न्यायाधीश के समक्ष छह आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र और कानून के साथ संघर्ष (सीसीएल) में एक बच्चे के खिलाफ एक रिपोर्ट दायर की। अधिकारियों ने कहा कि सीबीआई ने छह लोगों पर सामूहिक दुष्कर्म और हत्या का आरोप लगाया है।
इस बीच राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने जून में मणिपुर में हुए कार बम विस्फोट के सिलसिले में सोमवार को असम से एक आरोपी को गिरफ्तार किया। मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के क्वाक्ता इलाके में 21 जून को एक पुल पर आईईडी से लदे वाहन में विस्फोट हुआ था। इस घटना में तीन लोग घायल हुए थे, जबकि पुल के साथ-साथ आसपास के कुछ घर भी क्षतिग्रस्त हो गए थे।
पहले जानते हैं सीबीआई ने क्या किया
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मणिपुर के कांगपोकपी जिले में इस साल मई में दो आदिवासी महिलाओं को कथित तौर पर निर्वस्त्र कर घुमाने से संबंधित मामले में एक नाबालिग समेत छह लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। इस साल जुलाई में घटना का एक वीडियो सामने आया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी।
आरोप है कि चार मई को करीब 900-1000 लोगों की भीड़ मणिपुर के कांगपोकपी जिले के बी फेनोम गांव में घुसी। भीड़ के पास हथियार भी थे। उसने मकानों में तोड़फोड़ की तथा उनमें आग लगाई। इस दौरान लूटपाट, ग्रामीणों की पिटाई, हत्याएं की गईं। उपद्रवियों ने महिलाओं का यौन शोषण भी किया। आरोप है कि उग्र भीड़ ने जिन महिलाओं को निर्वस्त्र सड़कों पर घुमाया गया, उनमें से एक के परिवार के दो सदस्यों की हत्या भी कर दी गई।
सीबीआई की जांच में पता चला कि मणिपुर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी घटना में शामिल थे, जिसके बाद सोमवार को आरोपपत्र दाखिल किया गया। मामले से जुड़े अपराधों में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान करने समेत बाकी के पहलुओं की जांच की जा रही है।
अब जानते हैं एनआईए द्वारा की गई गिरफ्तारी के बारे में
एनआईए ने कहा कि खुफिया सूचना के आधार पर विस्फोट के सिलसिले में मोहम्मद नूर हुसैन को कछार जिले के सिलचर से असम पुलिस के साथ संयुक्त अभियान में गिरफ्तार किया गया। एक अधिकारी ने कहा कि मामला शुरुआत में 21 जून को बिष्णुपुर के पीजीसीआई पुलिस थाने में मणिपुर पुलिस द्वारा दर्ज किया गया था और इसे दो दिन बाद इम्फाल में एनआईए द्वारा फिर से दर्ज किया गया था।
सीबीआई में दो नए एसपी नियुक्त किए गए
आईपीएस अधिकारी आर राम कुमार और पी कृष्णकांत को सोमवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) में पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया। आर राम कुमार झारखंड कैडर के 2015 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी हैं। कृष्णकांत कर्नाटक कैडर के 2016 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। कार्मिक मंत्रालय की ओर से जारी एक आदेश में कहा गया है कि सक्षम प्राधिकार ने इन दोनों अधिकारियों को पांच साल के लिए सीबीआई में एसपी के पद पर नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है।