प्रत्यक्ष कर संग्रह पिछले वित्त वर्ष के दौरान रिकॉर्ड 49 फीसदी बढ़कर 14.10 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। आयकर विभाग ने बताया कि सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए 14.20 लाख करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष कर संग्रह का लक्ष्य रखा है। इसमें कॉरपोरेट टैक्स की हिस्सेदारी 7.20 लाख करोड़ रुपये और व्यक्तिगत आयकर की 7 लाख करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है।
सकल कर वसूली 40% बढ़कर 3.69 लाख करोड़
16 जून, 2022 तक सकल कर संग्रह 40 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 3.69 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 2.64 लाख करोड़ से ज्यादा रहा था। सकल कर संग्रह में रिफंड की हिस्सेदारी 30,334 करोड़ रुपये रही। इस दौरान सेल्फ असेसमेंट टैक्स संग्रह रिकॉर्ड 21,849 करोड़ रुपये पहुंच गया। यह एक साल पहले की समान अवधि के 15,483 करोड़ रुपये से सेल्फ असेसमेंट टैक्स संग्रह के मुकाबले 41% ज्यादा है।
डिजिटल इंडिया पहल से कर भुगतान में वृद्धि
सीबीडीटी ने कहा, अर्थव्यवस्था में तेजी के साथ कर संग्रह भी बढ़ता है। इसके अलावा, डिजिटल इंडिया पहल के कारण कर भुगतान बढ़़ा है। कोरोना काल में लोगों ने डिजिटल तरीके से खुद ही टैक्स का भुगतान किया। इसमें आयकर विभाग की ओर से करदाताओं के बीच चलाए जा रहे जागरुकता अभियान की भी भूमिका है।