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अच्छी खबर: भारत के प्रत्यक्ष कर संग्रह ने तोड़े अब तक के सारे रिकॉर्ड, 14 लाख करोड़ रुपये के उच्च स्तर पर पहुंचा

Wed, 27 Apr 2022 08:16 AM IST
संजीव कुमार झा बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक अच्छी खबर आई है। सीबीडीटी प्रमुख ने जानकारी देते हुए बताया है कि वित्त वर्ष 2021-22 में प्रत्यक्ष कर संग्रह 49 फीसदी हो गया है जिसने कि पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
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सीबीडीटी - फोटो : Social media
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विस्तार
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प्रत्यक्ष कर संग्रह पिछले वित्त वर्ष के दौरान रिकॉर्ड 49 फीसदी बढ़कर 14.10 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। आयकर विभाग ने बताया कि सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए 14.20 लाख करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष कर संग्रह का लक्ष्य रखा है। इसमें कॉरपोरेट टैक्स की हिस्सेदारी 7.20 लाख करोड़ रुपये और व्यक्तिगत आयकर की 7 लाख करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है।

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वहीं, चालू वित्त वर्ष में जून के मध्य तक शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 45 फीसदी बढ़कर 3.39 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंच गया। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने शुक्रवार को बताया कि अग्रिम कर संग्रह अच्छा रहने से शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह बढ़ा है। इसमें कॉरपोरेट कर का हिस्सा 1.70 लाख करोड़ रहा। प्रतिभूति लेनदेन कर सहित व्यक्तिगत आयकर के रूप में 1.67 लाख करोड़ रुपये से अधिक संग्रह हुआ।

2020-21 के मुकाबले 171% बढ़ा कर संग्रह
सीबीडीटी के आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष में 16 जून, 2022 तक प्रत्यक्ष कर संग्रह 2020-21 की समान अवधि के 1.25 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले 171 फीसदी ज्यादा रहा। 2019-20 की समान अवधि की तुलना में यह 103 फीसदी ज्यादा है। उस दौरान प्रत्यक्ष कर संग्रह 1.67 लाख करोड़ रुपये रहा था।
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सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह में भी जबरदस्त इजाफा
जेबी महापात्र ने कहा कि 2021-22 के लिए सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह ने पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 32.75% से अधिक की वृद्धि दिखाते हुए, 16.34 लाख करोड़ के सर्वकालिक उच्च स्तर को छू लिया।

7.14 करोड़ से अधिक I-T रिटर्न दाखिल किए गए
जेबी महापात्र ने कहा कि ई-फाइलिंग पोर्टल पर 2021-22 के लिए 7.14 करोड़ से अधिक I-T रिटर्न दाखिल किए गए, जबकि 2020-21 के लिए 6.97 करोड़ से अधिक दाखिल किए गए थे।

पहली बार प्रत्यक्ष कर संग्रह ने अप्रत्यक्ष कर संग्रह को पछाड़ दिया
महापात्र ने कहा कि पहली बार प्रत्यक्ष कर संग्रह ने अप्रत्यक्ष कर संग्रह को पछाड़ दिया है, जो कुल कर संग्रह का 52 फीसदी है। उन्होंने कहा कि अगले कुछ सालों में इसे 60 फीसदी करने का लक्ष्य है और अगले 15 सालों में टैक्स-जीडीपी अनुपात को मौजूदा 12 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी करना है।

अग्रिम कर संग्रह 33 फीसदी और टीडीएस 46% बढ़ा
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में अग्रिम कर संग्रह 33 फीसदी से ज्यादा बढ़कर 1.01 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 75,783 करोड़ रहा था। सीबीडीटी ने कहा कि 16 जून, 2022 तक के प्रत्यक्ष कर संग्रह के आंकड़े बताते हैं कि अर्थव्यवस्था सुधार की राह पर है।

  • अग्रिम कर संग्रह में कॉरपोरेट टैक्स की हिस्सेदारी 78,842 करोड़ रुपये रही, जबकि व्यक्तिगत आयकर का हिस्सा 22,175 करोड़ रुपये रहा।
  • चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान टीडीएस संग्रह 46 फीसदी बढ़कर 2.29 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा। 2021-22 की समान तिमाही में यह आंकड़ा 1,57,434 लाख करोड़ रुपये रहा था।

सकल कर वसूली 40% बढ़कर 3.69 लाख करोड़
16 जून, 2022 तक सकल कर संग्रह 40 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 3.69 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 2.64 लाख करोड़ से ज्यादा रहा था। सकल कर संग्रह में रिफंड की हिस्सेदारी 30,334 करोड़ रुपये रही। इस दौरान सेल्फ असेसमेंट टैक्स संग्रह रिकॉर्ड 21,849 करोड़ रुपये पहुंच गया। यह एक साल पहले की समान अवधि के 15,483 करोड़ रुपये से सेल्फ असेसमेंट टैक्स संग्रह के मुकाबले 41% ज्यादा है।

डिजिटल इंडिया पहल से कर भुगतान में वृद्धि
सीबीडीटी ने कहा, अर्थव्यवस्था में तेजी के साथ कर संग्रह भी बढ़ता है। इसके अलावा, डिजिटल इंडिया पहल के कारण कर भुगतान बढ़़ा है। कोरोना काल में लोगों ने डिजिटल तरीके से खुद ही टैक्स का भुगतान किया। इसमें आयकर विभाग की ओर से करदाताओं के बीच चलाए जा रहे जागरुकता अभियान की भी भूमिका है।

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