नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को एशियाई विकास बैंक (एडीबी) से 65.5 करोड़ डॉलर का वित्तीय पैकेज मिला है, जिसमें बाजार दर पर 30 करोड़ डॉलर का महंगा कर्ज भी शामिल है। यह मंजूरी पाकिस्तान के वित्त मंत्री शमशाद अख्तर की ओर से देश के ऋण बोझ के अस्थिर होने की घोषणा की थी।
एडीबी ने तीन अलग-अलग ऋणों के तहत पाकिस्तान के लिए एक वित्तपोषण पैकेज को मंजूरी दी है। इसके अन्य घटकों मेंघरेलू संसाधन जुटाने में सुधार के लिए 30 करोड़ डॉलर शामिल हैं। इसके अलावे अगस्त 2022 की विनाशकारी बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए स्कूलों के पुनर्वास के लिए 27.5 करोड़ अमरीकी डॉलर जारी करने की मंजूरी दी गई है। एडीबी द्वारा बुधवार को की गई घोषणा के अनुसार, खाद्य सुरक्षा में सुधार के लिए कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए 80 करोड़ डॉलर की घोषणा की गई है।
एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार की खबर के अनुसार मनीला स्थित ऋण एजेंसी ने यह घोषणा ऐसे समय की है जब विश्व बैंक के ऋण प्रबंधन और स्थिरता मिशन ने देश के ऋण प्रबंधन की समीक्षा के लिए वित्त मंत्री अख्तर से मुलाकात की है। पिछले हफ्ते, डॉ अख्तर ने घोषणा की थी कि पाकिस्तान का ऋण बोझ "अस्थिर" हो गया है। यह एक ऐसी धारणा है जिस पर विश्व बैंक के दक्षिण एशिया के उपाध्यक्ष मार्टिन रेजर सहमत नहीं थे। एक साक्षात्कार में, रेजर ने देश के ऋण को "टिकाऊ" बताया था।
एडीबी पहले से ही पाकिस्तान के ऋण प्रबंधन कार्यालय के आधे कर्मचारियों के वेतन का भुगतान कर रहा है, जिसे आदर्श रूप से पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय द्वारा भुगतान किया जाना चाहिए। ऋण को अस्थिर घोषित करने के बावजूद, पाकिस्तान ने बहुपक्षीय उधारदाताओं के साथ महंगे ऋणों में से एक का अनुबंध किया है, जबकि ये ज्यादातर रियायती दरों पर वित्तपोषण देते हैं।