नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान ने ऊर्जा खपत रोकने केलिए मंगलवार को बाजारों और शादी-विवाह हॉलों को जल्द बंद करने की घोषणा की है। बिजली की खपत पर लगाम लगाने और आयातित तेल पर निर्भरता कम करने के लिए राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण योजना को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा, “बाजार रात 8.30 बजे बंद हो जाएंगे, जबकि शादी के हॉल रात 10.00 बजे तक बंद हो जाएंगे, इससे हमें 60 अरब रुपये की बचत होगी"।
उपायों की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि एक फरवरी से अधिक बिजली खपत वाले बल्बों का निर्माण बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा जुलाई महीने से अधिक बिजली खपत वाले पंखों का उत्पादन भी बंद कर दिया जाएगा। इन उपायों से 22 अरब रुपये की और बचत होगी।
सरकार शंक्वाकार गीजर का उपयोग एक वर्ष के भीतर अनिवार्य कर देगी, जिससे कम गैस का उपयोग होगा और 92 अरब रुपये की बचत होगी। स्ट्रीट लाइट के वैकल्पिक उपयोग से 4 अरब रुपये की बचत होगी। आसिफ ने कहा कि योजना के तहत सभी सरकारी भवनों और कार्यालयों में भी ऊर्जा का इस्तेमाल कम किया जाएगा और घर से काम करने की नीति भी 10 दिन में पूरी हो जाएगी।
उन्होंने देश के लिए एक उदाहरण प्रदान करते हुए कहा, “आज कैबिनेट की बैठक में लाइट नहीं जल रही थी। बैठक पूरी धूप में हुई।” आसिफ ने यह भी कहा कि कैबिनेट ने सरकारी विभागों की ओर से उपयोग की जाने वाली बिजली का 30 प्रतिशत संरक्षण करने की योजना बनाई है, जिससे 62 अरब रुपये की बचत होगी।
एक अन्य कदम के बारे में आसिफ ने कहा कि ईंधन के आयात में कटौती करने में मदद के लिए इस साल के अंत तक इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल पेश की जाएगी। उन्होंने कहा, “ऊर्जा बचाने की योजना को तत्काल लागू किया जा रहा है और मंत्रिमंडल इसकी निगरानी करेगा।”
संवाददाता सम्मेलन में रक्षा मंत्री के साथ मौजूद जलवायु परिवर्तन मंत्री शेरी रहमान ने कहा कि यह योजना जलवायु परिवर्तन के मुद्दे से निपटने में भी मदद करेगी। उन्होंने कहा, "दुनिया कुछ समय से इस योजना का पालन कर रही है और हमारे लिए अपनी आदतों को बदलना जरूरी है। ऊर्जा बचाने के उपाय राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की इस सहमति के एक दिन बाद किए गए हैं कि अर्थव्यवस्था का पुनरुद्धार राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक है।
पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति 'गंभीर चुनौतियों' का सामना कर रही है क्योंकि चालू वित्त वर्ष के पहले चार महीनों (जुलाई-अक्टूबर) में मुद्रास्फीति 21-23 प्रतिशत के बीच उच्च स्तर पर रहने और देश का राजकोषीय घाटा 115 प्रतिशत से अधिक बढ़ने का अनुमान है। पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय ने पिछले सप्ताह अपने मासिक आर्थिक अपडेट और आउटलुक में कहा था कि बाढ़ से हुई तबाही के कारण वित्त वर्ष 2023 में आर्थिक वृद्धि बजट लक्ष्य से नीचे रहने की संभावना है।