केयर रेटिंग्स ने मंगलवार को कहा कि कोरोना वायरस महामारी के चलते चालू वित्त वर्ष के दौरान विमान यात्रियों के आवागमन में 30 फीसदी तक कमी आ सकती है, जबकि इससे पहले उसका अनुमान था कि ये आंकड़ा 20 से 25 फीसदी के बीच रहेगा।
महंगी होगी हवाई यात्रा
इसके साथ ही रेटिंग एजेंसी ने यह अनुमान भी लगाया है कि सामाजिक दूरी के नियमों के चलते हवाई यात्रा महंगी होगी। देश में लॉकडाउन के चलते सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक यात्री उड़ानों को 25 मार्च से तीन मई तक निलंबित कर दिया गया है।
रेटिंग एजेंसी ने कहा, 'केयर रेटिंग्स ने इससे पहले वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान हवाई यात्रियों की संख्या में 20-25 फीसदी कमी का अनुमान जताया था, लेकिन मामलों में बढ़ोतरी, इसके तेजी से प्रसार और नए क्षेत्रों के कोरोना हॉटस्पॉट में तब्दील होने के चलते ऐसा लगता है कि महामारी का अंत अनिश्चित है और इसके निदान का कोई संकेत नहीं है।'
कोरोना को रोकने के लिए लॉकडाउन ही एकमात्र तरीका
केयर रेटिंग्स ने कहा कि, यहां तक कि टीका भी अभी तक नहीं बना है और ऐसे में लॉकडाउन ही इसके प्रसार को रोकने का एकमात्र तरीका है। रेटिंग एजेंसी ने आगे कहा, 'इसलिए हम अपने पूर्व अनुमानों को संशोधित कर रहे हैं और वित्त वर्ष 2020-21 में हवाई यात्रियों के आवागमन में 30 फीसदी कमी आने का अनुमान है।'
कोरोना पर लगाम के बाद ही हटेगी विमान सेवा से रोक
केंद्र सरकार ने यह साफ कर दिया है कि कोरोना पर लगाम लगने से पहले विमान सेवा को दोबारा शुरू करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। मामले में हरदीप सिंह पुरी ने सोमवार को कहा कि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय विमान सेवा से प्रतिबंध तभी हटाया जाएगा जब सरकार विश्वास में आ जाएगी कि कोरोना को नियंत्रित कर लिया गया है और भारतीय के लिए कोई खतरा नहीं है।