कनाडा सरकार ने भारत से डायरेक्ट फ्लाइट पर लगे प्रतिबंध को 21 अगस्त 2021 तक बढ़ा दिया है। पहले यह प्रतिबंध 21 जुलाई को खत्म होने वाला था। कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर और कोरोना वायरस के डेल्टा वेरिएंट के बढ़ते मामलों के कारण कनाडा में पहली बार 22 अप्रैल को लगाए जाने के बाद से ये चौथी बार है जब प्रतिबंध को बढ़ाया गया है।
साथ ही कनाडा ने इनडायरेक्ट रूट के माध्यम से भारत से कनाडा जाने वाले यात्रियों के लिए तीसरे देश के प्री-डिपार्चर कोविड-19 टेस्ट से संबंधित आवश्यकता को भी बढ़ा दिया है। ये घोषणा तब हुई है, जब कनाडा ने देश में यात्रा प्रतिबंधों में ढील देने के उपायों की घोषणा की।
31 जुलाई तक जारी रहेगा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध
मालूम हो कि कोरोना वायरस महामारी के चलते नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने भारत में शेड्यूल अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक उड़ानों की आवाजाही पर प्रतिबंध 31 जुलाई 2021 तक बढ़ाया है। यह प्रतिबंध अंतरराष्ट्रीय ऑल-कार्गो संचालन और विशेष रूप से विमानन नियामक द्वारा अनुमोदित उड़ानों पर लागू नहीं होगा। चुनिंदा देशों के साथ द्विपक्षीय एयर बबल समझौतों के तहत चलने वाली उड़ानें जारी रहेंगी।
देशभर में 23 मार्च 2020 से लॉकडाउन लागू होने के बाद से अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक यात्री उड़ानें निलंबित हैं। लेकिन मई 2020 से विशेष अंतरराष्ट्रीय उड़ानें वंदे भारत मिशन के तहत उड़ रही हैं। विदेश में फंसे यात्रियों को वापस लाने के लिए वंदे भारत मिशन चलाया गया और कई देशों के साथ एयर बबल करार भी किया गया। वर्तमान में भारत में 24 देशों के साथ द्विपक्षीय एयर बबल समझौता किया हुआ है।
कोरोना के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लगेगा जुर्माना
हाल ही में नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने कहा था कि सभी हवाई अड्डे के परिचालकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि हवाई अड्डे पर और यात्रा के दौरान लोगों ने मास्क सही तरीके से पहना है या नहीं। साथ ही हवाई अड्डे के परिसर में सुरक्षित शारीरिक दूरी भी बनाए रखनी होगी। डीजीसीए ने एयरलाइंस को अचानक जांच करने का निर्देश भी दिया। अगर एयरलाइंस विमान के अंदर नियमों का पालन सुनिश्चित नहीं करा पाती हैं, तो उन पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है। साथ ही, यदि कोई व्यक्ति बार-बार चेतावनी के बावजूद नहीं मानता है तो उसके साथ 'अनियंत्रित यात्री' जैसा व्यवहार किया जाएगा।