केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ऑनलाइन गेमिंग, कैसिनो और हॉर्स रेस क्लबों में सट्टेबाजी के पूरे अंकित मूल्य पर 28 प्रतिशत कर लगाने के लिए जीएसटी कानूनों में बदलाव को बुधवार को मंजूरी दे दी। केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) और एकीकृत जीएसटी (आईजीएसटी) अधिनियमों में संशोधन, जिन्हें जीएसटी परिषद ने पिछले सप्ताह मंजूरी दी थी, को संसद के चल रहे मानसून सत्र में पेश किए जाने की संभावना है, जो 11 अगस्त को समाप्त होगा। जीएसटी परिषद ने दो अगस्त को अपनी 51वीं बैठक में सीजीएसटी अधिनियम, 2017 की तीसरी अनुसूची में संशोधन की सिफारिश की थी ताकि कैसिनो, हॉर्स रेसिंग और ऑनलाइन गेमिंग में आपूर्ति के कराधान पर स्पष्टता प्रदान की जा सके।
परिषद ने आईजीएसटी अधिनियम, 2017 में एक प्रावधान जोड़ने की भी सिफारिश की थी ताकि ऑफशोर संस्थाओं की ओर से प्रदान किए गए ऑनलाइन मनी गेमिंग पर जीएसटी देयता लागू की जा सके। ऐसी इकाइयों को भारत में जीएसटी पंजीकरण प्राप्त करने की आवश्यकता होगी।
जीएसटी कानूनों में संशोधनों में पंजीकरण और कर भुगतान प्रावधानों का पालन करने में विफलता के मामले में विदेशों में स्थित ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफार्मों तक पहुंच को अवरुद्ध करने का भी प्रावधान होगा।
जीएसटी कानून में संशोधित प्रावधान एक अक्टूबर से प्रभावी होंगे जो विशेष रूप से ऑनलाइन गेमिंग, ऑनलाइन मनी गेमिंग, ऑनलाइन गेम और आपूर्तिकर्ताओं के भुगतान के लिए इस्तेमाल की जाने वाली वर्चुअल डिजिटल संपत्ति को परिभाषित करेंगे। सूत्रों ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को अपनी बैठक में सीजीएसटी और आईजीएसटी कानूनों में संशोधन को मंजूरी दे दी।
केंद्रीय वित्त मंत्री और सभी राज्यों के प्रतिनिधियों वाली नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था की निर्णय लेने वाली सर्वोच्च इकाई परिषद ने दो अगस्त को फैसला किया था कि गेमिंग प्लेटफॉर्म और कैसिनो में लगाए गए प्रवेश स्तर के दांव के अंकित मूल्य पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगाया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने परिषद की बैठक के बाद कहा था कि सीजीएसटी और आईजीएसटी संशोधनों को संसद के मानसून सत्र में पेश किए जाने की उम्मीद है। राज्य अपनी-अपनी विधानसभाओं में राज्य जीएसटी कानून में संशोधन पारित करेंगे।
ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री और कुछ हॉर्स रेसिंग क्लब अभी प्लेटफॉर्म फीस/कमीशन पर फुल फेस वैल्यू के 5 से 20 फीसदी तक 18 फीसदी की दर से जीएसटी दे रहे हैं, जबकि कुछ हॉर्स रेस क्लब फुल फेस वैल्यू पर 28 फीसदी की दर से जीएसटी दे रहे हैं। वे विभिन्न कानूनी मंचों के समक्ष सट्टेबाजी और जुए के रूप में कार्रवाई योग्य दावों पर 28 प्रतिशत शुल्क लगाने का विरोध कर रहे हैं।
कैसिनो भी वर्तमान में सकल गेमिंग राजस्व (जीजीआर) पर 28 प्रतिशत जीएसटी का भुगतान कर रहे हैं। एंट्री लेवल बेट्स की फुल फेस वैल्यू पर 28 फीसदी जीएसटी लगाने से जीएसटी रेवेन्यू में बढ़ोतरी होने का अनुमान है।