केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कोयला गैसीकरण परियोजनाओं के लिए 8,500 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजना को बुधवार को मंजूरी दे दी। भारत में गैसीकरण प्रौद्योगिकी को अपनाने से प्राकृतिक गैस, मेथनॉल, अमोनिया और अन्य आवश्यक उत्पादों के आयात पर देश की निर्भरता कम होने की उम्मीद है।
सूत्रों ने बताया कि मंत्रिमंडल ने कोयला गैसीकरण परियोजनाओं के लिए 8,500 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दे दी है। सरकार 2030 तक 100 मिलियन टन (MT) कोयले को गैसीकृत करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
गैसीकरण प्रक्रिया में, कोयले को आंशिक रूप से हवा, ऑक्सीजन, भाप या कार्बन डाइऑक्साइड द्वारा नियंत्रित परिस्थितियों में ऑक्सीकृत किया जाता है ताकि सिनगैस नामक तरल ईंधन का उत्पादन किया जा सके। सिनगैस या संश्लेषण गैस का उपयोग बिजली उत्पादन के लिए और मेथनॉल बनाने के लिए भी किया जा सकता है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सिंथेटिक गैस उत्पादन के लिए सीआईएल और गेल के संयुक्त उद्यम को मंजूरी दे दी है। वहीं कोयले से अमोनियम नाइट्रेट उत्पादन के लिए सीआईएल के भेल के संयुक्त उद्यम को मंजूरी दी गई है। सरकार की ओर से बुधवार को यह जानकारी दी गई।
कैबिनेट ने संयुक्त आर्थिक व व्यापार समिति के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दी
सरकार ने बुधवार को भारत और कैरेबियाई देश डोमिनिकन गणराज्य के बीच एक संयुक्त आर्थिक व व्यापार समिति (Joint Economic and Trade Committee, JETCO) की स्थापना के लिए प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला किया गया। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि संयुक्त समिति विभिन्न अधिकारियों और उनके समकक्षों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए एक मंच प्रदान करेगी। बयान में कहा गया है, ''इससे वस्तुओं व सेवाओं के व्यापार को सुविधाजनक बनाने में मदद मिलेगी और इसके परिणामस्वरूप दोनों देशों में पेशेवरों के लिए बेहतर रोजगार के अवसरों में मदद मिलेगी।"