सरकारी ई-मार्केटप्लेस जीईएम (GeM) के खुलने के बाद सेल्फ हेल्प ग्रुप, एमएसएमई, छोटे व्यापारियों को काफी लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि 2017-2018 में इस पोर्टल से 6,220 करोड़ रुपये की खरीदारी हुई थी, जबकि 2021-2022 में खरीदारी बढ़कर 1.06 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई।
बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक के बाद इसमें रखे गए मुद्दों और फैसलों के बारे में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने जानकारी साझा की। प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने जीईएम पोर्टल को लेकर कहा कि इसमें बड़ा बदलाव आया है और खरीदारी में जोरदार इजाफा हुआ है। उन्होंने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि सरकारी ई-मार्केटप्लेस GeM के खुलने के बाद सेल्फ हेल्प ग्रुप, एमएसएमई, छोटे व्यापारियों को काफी लाभ मिला है।
विज्ञापन
ज्यादा पारदर्शी हुई प्रणाली
अनुराग ठाकुर ने बताया कि वित्त वर्ष 2017-2018 में इस पोर्टल से 6,220 करोड़ रुपये की खरीदारी हुई थी, जबकि वित्त वर्ष 2021-2022 में खरीदारी बढ़कर 1.06 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 70 फीसदी एमएसएमई और छोटे कारोबारी अपने उत्पादों को जीईएम पोर्टल के माध्यम से ही बेचते हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पोर्टल पर पांच वर्षों के दौरान यह वृद्धि दर्शाती है कि प्रणाली अधिक जवाबदेह और पारदर्शी हो गई है।
सहकारी समितियां कर सकेंगी खरीद
कैबिनेट की बैठक जीईएम पोर्टल के अधिकार क्षेत्र में विस्तार करने का निर्णय लिया गया। इस संबंध में बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अब सहकारी समितियां सरकारी ई-मार्केटप्लेस जेम पोर्टल से खरीद कर सकेंगी। उन्होंने कहा कि इस फैसले से देश की 8.54 लाख पंजीकृत सहकारी समितियां और उससे जुड़े 27 करोड़ सदस्यों को फायदा पहुंचेगा।
विज्ञापन
सीआरपीएफ में आदिवासियों को छूट
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बैठक में छत्तीसगढ़ के बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों के आंतरिक क्षेत्रों से भर्ती रैली के माध्यम से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में कांस्टेबल के रूप में मूल आदिवासी युवाओं की भर्ती के लिए कांस्टेबल पद के लिए शैक्षणिक योग्यता में छूट दिए जाने को भी मंजूरी दे दी है।
सोनिया-राहुल को नोटिस पर दिया बयान
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और नेता राहुल गांधी को प्रवर्तन निदेशालय की ओर से दिए गए नोटिस के बारे में सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि सरकारी एजेंसियां अपना काम करती हैं।