शिक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी बायजू को उसका आईपीओ लाने से पहले एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। दरअसल, बैजू रवींद्रन के नेतृत्व वाली इस कंपनी ने वित्तपोषण दौर में 80 करोड़ डॉलर (करीब 6,000 करोड़ रुपये) का फंड जुटाया है। कंपनी की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस वित्तपोषण दौर में सुमेरु वेंचर्स, विट्रुवियन पार्टनर्स और ब्लैकरॉक ने भी भाग लिया।
कंपनी मूल्यांकन से 22 फीसदी ज्यादा
इस संबंध में जारी एक रिपोर्ट में बताया गया है कि बायजू ने 22 अरब डॉलर के उद्यम मूल्य पर ताजा फंड जुटाया है, जो 18 अरब डॉलर के कंपनी के पिछले मूल्यांकन से लगभग 22 प्रतिशत अधिक है। बता दें कि कंपनी को यह सफलता ऐसे समय में मिली है, जब वह अपना आईपीओ लाने की तैयारी कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, अगले 9 से 12 महीनों में कंपनी अपना आईपीओ लॉन्च कर सकती है। आईपीओ के जरिए बायजू भारतीय शेयर बाजार में लिस्ट हो जाएगी।
रविंद्रन की हिस्सेदारी में इजाफा
कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि बायजू के संस्थापक रवींद्रन भी इस दौर में शामिल हुए और उन्होंने निजी तौर पर 40 करोड़ डॉलर का निवेश किया है। इसके साथ कंपनी में रवींद्रन की हिस्सेदारी 23 प्रतिशत से बढ़कर 25 प्रतिशत हो गई है। गौरतलब है कि शैक्षिक प्रौद्योगिकी कंपनी बायजू की स्थापना रवींद्रन और दिव्या गोकुलनाथ द्वारा 2011 में की गई थी। कथित तौर पर, बायजू के प्लेटफॉर्म पर 150 मिलियन से अधिक शिक्षार्थी हैं।