गिफ्ट सिटी में विदेशी मुद्रा निपटान प्रणाली शुरू
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गिफ्ट आईएफएससी में विदेशी मुद्रा निपटान प्रणाली की शुरुआत की। यह वास्तविक समय में निर्बाध लेनदेन की सुविधा प्रदान करेगी। साथ ही नकदी प्रबंधन को बेहतर बनाएगी व अनुपालन सुनिश्चित करेगी। विदेशी मुद्रा लेनदेन वर्तमान में आमतौर पर 36 से 48 घंटों के अंतराल में पूरा हो पाता है।
मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में वित्त मंत्री ने कहा, विदेशी मुद्रा निपटान प्रणाली के संचालन के साथ गिफ्ट सिटी हांगकांग, टोक्यो, मनीला सहित चुनिंदा वित्तीय केंद्रों में शामिल हो गई है। भारत वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनियों में तीसरे स्थान पर है व दुनिया के आधे वास्तविक समय के डिजिटल लेनदेन करता है। सरकार की नीति संतुलित दृष्टिकोण के जरियेे वित्तीय प्रौद्योगिकी (फिनटेक) को बढ़ाने में भूमिका निभाने की रही है। हमें व्यवसायों को सक्षम बनाना है। उनकी प्रगति में बाधा नहीं डालनी है।
ग्लोटिस : 35% कम पर लिस्ट हुआ शेयर
लॉजिस्टिक्स सेवा देने वाली ग्लोटिस की लिस्टिंग खराब रही। आईपीओ में 129 रुपये की तुलना में एनएसई पर शेयर मंगलवार को 34.88 प्रतिशत की गिरावट के साथ 84 रुपये पर लिस्ट हुआ। कारोबार के अंत में यह और गिरकर 82.73 रुपये पर बंद हुआ। आईपीओ का मूल्य 120-129 रुपये रखा गया था। उधर, फैबटेक टेक के शेयरों ने भी निवेशकों को निराश किया। बीएसई पर शेयर आईपीओ भाव के बराबर 191 रुपये पर लिस्ट हुआ। बाद में और गिरकर 182.30 रुपये पर बंद हुआ।
यूपीआई हमारे लिए अहम, इसके साथ नया प्लेटफॉर्म बनाने की इच्छा : पेपाल सीईओ
फिनटेक कंपनी पेपाल के सीईओ एलेक्स क्रिस ने कहा, यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) हमारे लिए अहम है। हम दुनिया के बेस्ट वॉलेट्स को कनेक्ट करके नया प्लेटफॉर्म बनाना चाहते हैं। यूपीआई के एकीकरण से डिजिटल वॉलेट और स्टैंडर्ड पेमेंट्स सिस्टम्स की बेहतर इंटरऑपरेबिलिटी संभव होगी। पेपाल ऐसा प्लेटफॉर्म बना रहा है, जिससे बेस्ट डिजिटल वॉलेट को आसानी से कनेक्ट किया जा सकता है।
पेपाल ने निर्बाध सीमा पार भुगतान के लिए पेपाल वर्ल्ड के प्लेटफॉर्म पर यूपीआई के एकीकरण के लिए भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के साथ समझौता किया है। क्रिस ने कहा, भारत में पेपाल का ध्यान घरेलू भुगतानों पर नहीं, बल्कि सीमा पार भुगतान और वैश्विक कनेक्टिविटी पर रहेगा। देश एक ऐसे स्थान के रूप में उभर रहा है जहां टैलेंट मूवमेंट, मनी मूवमेंट व कॉमर्स के अवसर मौजूद हैं। यूपीआई पहला वॉलेट है जो दर्शाता है कि भारत का बाजार हमारे और पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण है।
डीपीआईईटी की योजना, सालाना 1,000 स्टार्टअप को मिलेगी मदद
उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने 2030 से सालाना 1,000 स्टार्टअप को मदद देने की योजना बनाया है। इसके लिए थर्मो फिशर साइंटिफिक के साथ साझेदारी में बायोवर्स चैलेंज शुरू किया गया है। यह एक राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य तीन वर्षों में देश के 500 जैव प्रौद्योगिकी उद्यमियों की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ाना है।
डीपीआईआईटी के निदेशक सुमीत कुमार जारंगल ने कहा, थर्मो फिशर साइंटिफिक के साथ साझेदारी से हम जैव प्रौद्योगिकी में स्टार्टअप्स के बीच सहयोग को बढ़ावा दे रहे हैं। साझेदारी के तहत तीन वर्षों में 100 विजेता स्टार्टअप्स को हैदराबाद की जीनोम वैली में थर्मो फिशर और बायोप्रोसेस डिजाइन केंद्र में ऑन साइट प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा। 400 अन्य स्टार्टअप्स को देश भर के रिसर्च संस्थानों व इनक्यूबेटरों की कार्यशालाओं में ऑफ साइट मेंटरशिप मिलेगी। थर्मो फिशर साइंटिफिक के भारत और दक्षिण एशिया के प्रबंध निदेशक श्रीनाथ वेंकटेश ने कहा, जीनोम वैली में हम स्टार्टअप्स को तकनीकों और मार्गदर्शन तक पहुंचाएंगे।
सितंबर में भारत बना शुद्ध आयातक, फिनिश्ड स्टील आयात में सालाना 36% की गिरावट
सरकारी आंकड़ों अनुसार, भारत सितंबर में तैयार स्टील का शुद्ध आयातक रहा, जिसकी खेप 0.65 मिलियन मीट्रिक टन रही। इस दौरान तैयार स्टील आयात साल-दर-साल 36.3 प्रतिशत घटा। भारत, जो दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा क्रूड स्टील उत्पादक है, ने कुछ स्टील उत्पादों पर तीन साल की आयात टैरिफ 11% से 12% लगाने की सिफारिश की है। इसका उद्देश्य मुख्य रूप से चीन से होने वाले आयात को नियंत्रित करना है।
वहीं, भारत ने सितंबर में 0.58 मिलियन मीट्रिक टन फिनिश्ड स्टील का निर्यात किया, जो सालाना आधार पर 47.6 प्रतिशत अधिक है। फिनिश्ड स्टील का उत्पादन 13.3 मिलियन मीट्रिक टन रहा, जो पिछले साल के समान महीने की तुलना में 14.7 प्रतिशत अधिक है। फिनिश्ड स्टील की खपत सितंबर में 13.5 मिलियन मीट्रिक टन रही, जो सालाना आधार पर 9 प्रतिशत बढ़ी, जबकि महीने-दर-महीने खपत में मामूली 2.2 प्रतिशत की गिरावट आई। क्रूड स्टील का उत्पादन 13.8 मिलियन मीट्रिक टन दर्ज किया गया, जो सालाना 15 प्रतिशत अधिक है, लेकिन पिछले महीने की तुलना में उत्पादन में लगभग 1.7 प्रतिशत की गिरावट आई।
UPI पर गर्व, पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत बनेगा विकसित देश-पीयूष गोयल
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) भारत के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने तकनीकी और विशेषकर वित्तीय तकनीक के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। गोयल ने कहा, "आज फिनटेक लगभग हर घर, हर व्यक्ति तक पहुंच चुका है। भारत में एक अरब इंटरनेट उपयोगकर्ता हैं और आम व्यक्ति भी आज UPI का इस्तेमाल करता है।"
प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के सरकारी सेवा कार्यकाल का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री ने अपना पूरा जीवन राष्ट्र और जनता को समर्पित किया है। मैं उनके त्याग को सलाम करता हूं। जिस तरह से 140 करोड़ देशवासियों ने उनके नेतृत्व में एक कमजोर अर्थव्यवस्था को विश्व की चौथी सबसे बड़ी GDP और आने वाले समय में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में बदलने का संकल्प लिया है, वह अद्भुत है। मेरी प्रार्थना है कि देश को लंबे समय तक उनका मार्गदर्शन मिलता रहे, ताकि हम भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकें।"
सेबी सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने पर काम कर रहा: सेबी अध्यक्ष
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे ने बुधवार को मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025 (GFF) में कहा कि क्वांटम कंप्यूटिंग के आने से बड़ी सुरक्षा चुनौतियां पैदा हो सकती हैं। सेबी इसे अपनाए जाने से पहले ही सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने पर काम कर रहा है। क्वांटम कंप्यूटिंग में ऐसी तकनीक क्षमताएं हैं, जो दुर्भावनापूर्ण तत्वों के लिए पासवर्ड से छेड़छाड़ करना संभव बनाती है। जिसे लंबे समय से बहुत सुरक्षित माना जाता है और इसलिए इस मोर्चे पर सिस्टम को तैयार करना जरूरी है।
70 लाख से अधिक भारतीय इस्तेमाल कर रहे हैं CBDC
केंद्रीय बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) का इस्तेमाल अब 70 लाख से अधिक भारतीय कर रहे हैं। हालांकि, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने स्पष्ट किया है कि वह इस वर्चुअल करेंसी का फुल रोलआउट करने में कोई जल्दी नहीं कर रहा है। RBI के वरिष्ठ अधिकारी संकर ने यह जानकारी वार्षिक ग्लोबल फिनटेक फेस्ट के दौरान मीडिया से बातचीत में दी। उन्होंने बताया कि बैंक का फोकस अभी CBDC के उपयोग के मामलों को बढ़ाने पर है। विशेष रूप से, प्रोग्रामेबल CBDC के मामलों में तेजी देखी जा रही है, जो डिजिटल करेंसी को और अधिक बहुपरकारी बनाने में मदद करेगी। अधिकारियों के अनुसार, RBI धीरे-धीरे तकनीक और उपयोग मामलों का परीक्षण कर रहा है, ताकि भविष्य में डिजिटल करेंसी को सुरक्षित और प्रभावी तरीके से देशभर में अपनाया जा सके।
डीमैट खातों के खुलने की रफ्तार घटी, 9 माह में 40 फीसदी कम खुले
शेयर बाजार की सुस्ती का असर अब डीमैट खातों पर भी दिखने लगा है। जनवरी से लेकर सितंबर के बीच 9 महीने में डीमैट खाते खुलने की संख्या पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 40 फीसदी घट गई है। कमजोर रिटर्न और लगातार बाजार में उतार-चढ़ाव ने नए निवेशकों की भागीदारी को प्रभावित किया है।
इस साल जनवरी से सितंबर के बीच 2.18 करोड़ खाते खुले हैं। 2024 के इसी समय में 3.61 करोड़ खाते खुले थे। यानी 1.4 करोड़ की कमी आई है। बाजार में इस साल तेजी-धीमी की स्थिति रही है। खासकर मिड और स्मॉल कैप स्टॉक्स में भारी गिरावट ने खुदरा निवेशकों का उत्साह कम कर दिया। जब बाजार दिशाहीन नजर आते हैं और रिटर्न घटते हैं, तो नए निवेशक निवेश करने में हिचकिचाते हैं।
इस साल हर महीने औसतन 24 लाख डीमैट खाते खुले हैं। पिछले साल यह आंकड़ा 40 लाख प्रति माह था। विश्लेषकों के मुताबिक, इस साल की संख्या पिछले साल के रिकॉर्ड से कम है, फिर भी यह बढ़िया है, क्योंकि 2021 से कुल डीमैट अकाउंट्स की संख्या तीन गुना से ज्यादा बढ़ गई है।
मेक इन इंडिया का असर, 6 माह में 88,800 करोड़ के आईफोन का निर्यात
भारत के मेक इन इंडिया पहल का असर अब साफ दिखने लगा है। चालू वित्त वर्ष के अप्रैल से लेकर सितंबर तक के 6 महीने में देश से 10 अरब डॉलर (88,000 करोड़ रुपये) के आईफोन निर्यात हुए हैं। यह पिछले साल की तुलना में 75 फीसदी ज्यादा है। सरकार और उद्योग दोनों के लिए यह बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, क्योंकि अब भारत में बने उत्पाद पर पूरी दुनिया भरोसा दिखा रही है।
उद्योग के आंकड़ों के मुताबिक, सिर्फ सितंबर महीने में ही एपल ने 1.25 अरब डॉलर के आईफोन निर्यात किए। पिछले साल सितंबर में यह आंकड़ा 49 करोड़ डॉलर था। आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा, भारत में बने उत्पादों पर पूरी दुनिया विश्वास कर रही है।
सिर्फ एपल ही नहीं, बल्कि भारत का पूरा स्मार्टफोन निर्यात सेक्टर भी तेजी से बढ़ा है। 2025-26 के पहले पांच महीनों में भारत से एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के स्मार्टफोन निर्यात हुए हैं, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के 64,500 करोड़ रुपये के मुकाबले 55 फीसदी अधिक है। यह अब तक का सबसे बड़ा निर्यात है।
इंटरनेशनल डेटा कॉर्पोरेशन (आईडीसी) की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 की पहली छमाही में भारत का स्मार्टफोन बाजार सालाना आधार पर 2 फीसदी बढ़ा है। इस दौरान देश में करीब 6 करोड़ स्मार्टफोन यूनिट्स की शिपमेंट हुई। 50,000 रुपये से ज्यादा कीमत वाले प्रीमियम स्मार्टफोन ने इस वृद्धि को सबसे ज्यादा बढ़ावा दिया, जबकि 10,000 से 20,000 रुपये वाले मिड रेंज फोन अब भी बिक्री में सबसे आगे हैं।
स्मार्टफोन में उत्तर भारत शीर्ष पर
रिपोर्ट के मुताबिक, शिपमेंट में 35 फीसदी की वृद्धि के साथ एपल भारत में सबसे तेजी से बढ़ने वाला स्मार्टफोन ब्रांड बन गया है। उत्तर भारत देश के स्मार्टफोन बाजार में 33 फीसदी के साथ शीर्ष पर है। दक्षिण भारत में सबसे तेज ग्रोथ दर्ज की गई है। त्योहारी सीजन में देश में प्रीमियम स्मार्टफोन की बिक्री में 18 फीसदी तक बढ़ोतरी हो सकती है। मूल्य में भी 24 फीसदी वृद्धि का अनुमान है। रिपोर्ट कहती है कि 50,000 से 1 लाख रुपये वाले सुपर प्रीमियम सेगमेंट में बिक्री सालाना आधार पर 15 फीसदी बढ़ सकती है। एक लाख रुपये से अधिक कीमत वाले स्मार्टफोन्स की बिक्री में 167 फीसदी तक उछाल आ सकता है।
छूट ज्यादा होने से भारतीय रिफाइनर रूस से बढ़ा सकते हैं तेल खरीद
नई दिल्ली। अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता जारी रहने और पर्याप्त आपूर्ति के बीच छूट बढ़ने के कारण भारतीय रिफाइनर आने वाले महीनों में रूस से तेल आयात बढ़ा सकते हैं। नवंबर में यूराल क्रूड लोडिंग पर डेटेड ब्रेंट के मुकाबले 2 से 2.50 डॉलर प्रति बैरल की छूट इसे आकर्षक बनाती है। यह जुलाई से अगस्त के दौरान लगभग एक डॉलर प्रति बैरल की छूट से सस्ता है।
केप्लर के अनुसार, अक्तूबर में रूस से कच्चे तेल का आयात औसतन 17 लाख बैरल प्रतिदिन हो सकता है। यह मासिक आधार पर 6 प्रतिशत अधिक होगा, लेकिन पिछले वर्ष की तुलना में कम होगा। अमेरिका ने अगस्त में भारतीय वस्तुओं के अमेरिकी आयात पर 50 प्रतिशत का दंडात्मक शुल्क लगाया था। इसके पीछे मकसद भारत की रूसी तेल खरीद को कम करना था।