वित्त मंत्रालय का मानना है कि भारत चालू वित्त वर्ष में 6.5-7 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि हासिल करने के लिए तैयार है। अगस्त तक तमाम मजबूत संकेतकों से यह रुझान दिख रहा है। वित्त वर्ष के शेष भाग के लिए उम्मीद यह है कि सरकारी खर्च बढ़ेगा। मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, हाल के घटनाक्रमों का विश्लेषण किया गया है। इसमें स्थिर विकास, निवेश, रोजगार और महंगाई के रुझान से पता चला है कि मजबूत व स्थिर वित्तीय क्षेत्र आैर बेहतर विदेशी मुद्रा भंडार के साथ आर्थिक स्थिरता मजबूत नींव का संकेत देती है। केंद्र ने चालू वित्त वर्ष में उधार लक्ष्य को बरकरार रखा है। 2024-25 की अक्तूबर-मार्च के दौरान दिनांकित प्रतिभूतियों की नीलामी के माध्यम से 6.61 लाख करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई है।
बजट से पहले की बैठकें 10 से
वित्त मंत्रालय 10 अक्तूबर से नई व नवीकरणीय ऊर्जा और कौशल विकास, उद्यमिता सहित छह मंत्रालयों और विभागों की समीक्षा के साथ बजट पूर्व बैठकें शुरू करेगा। बैठकें 11 नवंबर तक चलेंगी। इसमें 2025-26 के लिए बजटीय आवंटन को मजबूत करने और चालू वित्त वर्ष के लिए संशोधित अनुमानों को अंतिम रूप दिया जाएगा। विकास को और तेज करने के लिए सुधारों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। रोजगार सृजन व आर्थिक मांग को बढ़ावा देने के उपाय लागू होंगे।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल के दामों में दो से तीन रुपये प्रति लीटर कटौती की गुंजाइश है। रेटिंग एजेंसी इक्रा ने कहा, पेट्रोलियम कंपनियों के ईंधन पर मुनाफे में सुधार हुआ है। इससे सरकारी तेल कंपनियां चाहें तो कीमतें घटा सकती हैं। इक्रा ने बृहस्पतिवार को कहा, भारत के आयातित कच्चे तेल की कीमत मार्च में 83-84 डॉलर प्रति बैरल थी। सितंबर में यह औसत 74 डॉलर प्रति बैरल हो गई। यदि कच्चे तेल की कीमतें वर्तमान स्तर पर स्थिर रहीं तो खुदरा ईंधन कीमतों में कमी की गुंजाइश है। इस साल 17 सितंबर तक अंतरराष्ट्रीय उत्पाद कीमतों की तुलना में तेल मार्केटिंग कंपनियों की शुद्ध प्राप्ति पेट्रोल के लिए 15 रुपये प्रति लीटर और डीजल के लिए 12 रुपये प्रति लीटर अधिक रही।
15 मार्च को हुई थी दो रुपये की कमी
रिपोर्ट के अनुसार, इस साल 15 मार्च को पेट्रोल तथा डीजल के दाम में दो रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई थी। तब से कीमतें यथावत हैं। ऐसा अनुमान है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें स्थिर रहती हैं तो दो से तीन रुपये प्रति लीटर की कमी करने की गुंजाइश बनी रहेगी। नवंबर, 2021 की शुरुआत में तेल के दैनिक मूल्य संशोधन को रोक दिया गया था।
जनरल मोटर्स ब्रेक लाइन में खराबी के कारण अमेरिका में 18,000 वाणिज्यिक वाहनों को वापस मंगाएगी। कंपनी ने बृहस्पतिवार को बताया, इसमें शेवरले एक्सप्रेस, जीएमसी मॉडल सहित अन्य हैं। यह सभी मॉडल साल 2013 से 2019 के बीच बने हैं। कंपनी के डीलर इसकी समीक्षा करेंगे।
ईपैक प्रीफैब को चालू वित्त वर्ष में 1,233 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिलने की उम्मीद है। एक साल पहले की तुलना में 48 फीसदी अधिक है। कंपनी के कार्यकारी निदेशक निखिल बोथरा ने बताया, वित्त वर्ष 2023-24 में प्रीफैब्रिकेटेड उद्योग में वृद्धि 11 फीसदी चक्रवृद्धि दर रही है।
बंगलूरू में 19 से 21 नवंबर तक होने वाले 27वें टेक समिट में दिग्गज टेक कंपनियां जुटेंगी। इसके लिए दिल्ली में एक खुली चर्चा का आयोजन हुआ। राज्य सरकार के मंत्री प्रियांक खरगे ने कहा, यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां सभी को अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिलेगा।
स्पाइसजेट ने अपना सभी जीएसटी बकाया चुकाया
वित्तीय अनुशासन और विनियामक अनुपालन को बनाए रखते हुए, घरेलू एयरलाइन स्पाइसजेट ने अपने सभी माल और सेवा कर (जीएसटी) बकाया का भुगतान कर दिया है। एयरलाइन ने शुक्रवार को एक बयान इसकी जानकारी दी। स्पाइसजेट ने कहा, "जीएसटी बकाया का भुगतान स्पाइसजेट के हाल ही में सफल क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (क्यूआईपी) के बाद हुआ है, जिसमें 3000 करोड़ रुपये जुटाए गए थे। क्यूआईपी ने शीर्ष-स्तरीय संस्थागत निवेशकों और फंडों की एक विविध श्रेणी को आकर्षित किया, जिसमें गोल्डमैन सैक्स (सिंगापुर), मॉर्गन स्टेनली एशिया, टाटा म्यूचुअल फंड और डिस्कवरी ग्लोबल ऑपर्चुनिटी लिमिटेड जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं।"