ग्रो का 6632 करोड़ रुपये का आईपीओ 4 नवंबर को, 7 अरब डॉलर के मूल्यांकन का लक्ष्य
स्टॉक ब्रोकिंग फर्म ग्रो की मूल कंपनी बिलियनब्रेन्स गैराज वेंचर्स ने गुरुवार को अपने आगामी आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए 95-100 रुपये प्रति शेयर का मूल्य दायरा तय किया है। कंपनी ने 61,700 करोड़ रुपये (करीब 7 अरब डॉलर) से अधिक के मूल्यांकन का लक्ष्य रखा है। स्टॉक ब्रोकिंग फर्म ने घोषणा की कि कंपनी का 6,632 करोड़ रुपये का आईपीओ सार्वजनिक अभिदान के लिए 4 नवंबर को खुलेगा और 7 नवंबर को समाप्त होगा। एंकर निवेशकों के लिए बोली 3 नवंबर को एक दिन के लिए खुलेगी। आईपीओ में प्रमोटरों और निवेशक शेयरधारकों कीओर से 55.72 करोड़ इक्विटी शेयरों के ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) घटक के साथ 1,060 करोड़ रुपये के इक्विटी शेयरों का ताजा निर्गम शामिल है।
ओएफएस के एक भाग के रूप में, कंपनी के प्रमोटर - ललित केशरे, हर्ष जैन, नीरज सिंह और ईशान बंसल - प्रत्येक 1 मिलियन शेयरों की पेशकश कर रहे हैं, इसके अलावा, पीक XV पार्टनर्स इन्वेस्टमेंट्स VI-1, YC होल्डिंग्स II, रिबिट कैपिटल V, GW-E रिबिट ऑपर्चुनिटी V, इंटरनेट फंड VI प्राइवेट लिमिटेड और कॉफमैन फेलो फंड, एलपी जैसे निवेशक शेयरों की बिक्री कर रहे हैं। ग्रो के संस्थापकों के पास कंपनी की 27.97 प्रतिशत हिस्सेदारी है और उन्होंने कंपनी के प्रमोटर के रूप में लिस्टिंग के समय से 1.5 साल के लिए 20 प्रतिशत लॉक-इन के साथ आवेदन किया है। आईपीओ में, वे कंपनी के कुल शेयरों का केवल 0.07 प्रतिशत बेचने की पेशकश कर रहे हैं।
केंद्र सरकार ने पीली मटर के आयात पर एक नवंबर से 30 फीसदी शुल्क लगा दिया है। हालांकि, 31 अक्तूबर या उससे पहले के बिल वाली खेप को इससे बाहर रखा गया है यानी इनके आयात पर शून्य शुल्क लगेगा। राजस्व विभाग ने एक अधिसूचना में कहा, अगर बिल ऑफ लैडिंग एक नवंबर, 2025 को या उसके बाद जारी किया जाता है, तो पीली मटर के आयात पर 10 फीसदी मानक दर और 20 फीसदी प्रतिशत कृषि अवसंरचना एवं विकास उपकर (एआईडीसी) लगेगा। सरकार ने मई में मार्च, 2026 तक पीली मटर के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति दी थी।