वित्त मंत्रालय के तहत वित्तीय खुफिया इकाई (एफआईयू) ने बिनेंस और कुकोइन जैसे नौ क्रिप्टोकरेंसी और वर्चुअल डिजिटल एसेट प्लेटफॉर्म को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इनपर मनी-लॉन्ड्रिंग विरोधी कानून का अनुपालन न करने का आरोप है।
एफआईयू ने भारत में पीएमएल अधिनियम के प्रावधानों का अनुपालन किए बिना अवैध रूप से काम कर रही इन नौ संस्थाओं के यूआरएल को ब्लॉक करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को भी पत्र लिखा है। एफआईयू-आईएनडी प्रवर्तन एजेंसियों और विदेशी एफआईयू को संदिग्ध वित्तीय लेनदेन से संबंधित जानकारी जुटाने, प्रसंस्करण, विश्लेषण और प्रसार करने के लिए जिम्मेदार एक केंद्रीय एजेंसी है।
अभी तक कुल 31 वीडीए-एसपी ने कराया है पंजीकरण
दरअसल, भारत में परिचालन करने वाले वर्चुअल डिजिटल परिसंपत्ति सेवा प्रदाताओं (वीडीए-एसपी) के लिए एफआईयू-आईएनडी के पास रिपोर्टिंग इकाई के तौर पर पंजीकरण कराना जरूरी होता है। इसके अलावा उन्हें पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों का भी पालन करना पड़ता है। अभी तक कुल 31 वीडीए-एसपी ने एफआईयू-आईएनडी के पास अपना पंजीकरण कराया है।
हालांकि, भारतीय उपयोगकर्ताओं के एक बड़े हिस्से को सेवा प्रदान करने वाली कई ऑफशोर संस्थाएं पंजीकृत नहीं हो रही थीं और एंटी मनी लॉन्ड्रिंग (एएमएल) और काउंटर फाइनेंसिंग ऑफ टेररिज्म (सीएफटी) ढांचे के तहत आ रही थीं। FIU-IND एक केंद्रीय, राष्ट्रीय एजेंसी है जो प्रवर्तन एजेंसियों और विदेशी FIUs को संदिग्ध वित्तीय लेनदेन से संबंधित जानकारी प्राप्त करने, प्रसंस्करण, विश्लेषण और प्रसार करने के लिए जिम्मेदार है।