फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Biz Updates: UP-महाराष्ट्र की कंपनियों से FSSAI लाइसेंस छिने; US टैरिफ नीति से भारत में औद्योगिक संगठन चिंतित

Sun, 09 Aug 2026 06:45 AM IST
ज्योति भास्कर बिजनेस डेस्क, अमर उजाला।
विज्ञापन
बिजनेस अपडेट्स - फोटो : amarujala.com
विज्ञापन

केंद्र सरकार ने समुद्री क्षेत्र में डिजिटल बदलाव को गति देने और नाविकों के कल्याण को मजबूत बनाने के उद्देश्य से 'ई-समुद्र' नामक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। इसकी मदद से नाविकों, शिपिंग कंपनियों, बंदरगाहों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े अन्य हितधारकों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तमाम सेवाएं मिलेंगी। केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शनिवार को इस प्लेटफॉर्म का उद्घाटन करते हुए कहा कि भारत की समुद्री विकास रणनीति के केंद्र में नाविक रहेंगे और सरकार उनकी सुरक्षा, सम्मान और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।उन्होंने कहा, हर भारतीय नाविक सुरक्षित, सम्मानित और संरक्षित होना चाहिए। यही हमारी प्राथमिकता है। सोनोवाल ने बताया कि भारत आज दुनिया में नाविकों की आपूर्ति करने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश बन चुका है और उन्हें विश्वास है कि आने वाले समय में भारत इस क्षेत्र में दुनिया में पहला स्थान हासिल कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत वर्तमान में विश्व का अग्रणी शिप रीसाइक्लिंग हब है और सरकार देश को दुनिया के शीर्ष पांच जहाज निर्माण देशों में शामिल करने की दिशा में काम कर रही है। गौरतलब है कि ई-समुद्र और अन्य डिजिटल पहलें 'मैरीटाइम इंडिया विजन 2030' और 'मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047' के तहत समुद्री क्षेत्र में व्यापक बदलाव लाने की सरकार की रणनीति का हिस्सा हैं।

विज्ञापन


अमेरिका के नए टैरिफ बिल से भारत में चिंता: औद्योगिक संगठन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वाले फैसले को लेकर औद्योगिक संगठन ने चिंता जाहिर की है। ईईपीसी इंडिया नाम के इस संगठन ने कहा कि अमेरिकी सीनेट ने प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप को रूसी ऊर्जा के शीर्ष आयातकों पर 100 फीसदी तक टैरिफ लगाने का अधिकार देने वाले बिल को मंजूरी दे दी है। इससे भारत से इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट को लेकर चिंता बढ़ गई है। संगठन के मुताबिक अगर यह कानून बन जाता है तो इसके नतीजे बेहद गंभीर हो सकते हैं। ईईपीसी इंडिया के चेयरमैन पंकज चड्ढा ने कहा, यह हमारे लिए वाकई चिंता की बात है, क्योंकि अमेरिका भारतीय इंजीनियरिंग सामानों का टॉप मार्केट है। बिल को अभी लेजिस्लेटिव प्रोसेस पूरा करना बाकी है, लेकिन यह हमारे लिए सच में चिंता की बात है। चड्ढा ने कहा, लिंड्से ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026 नाम का यह बिल, अगर अमेरिकी कांग्रेस से मंजूर हो जाता है और कानून बन जाता है, तो इंडियन गुड्स एक्सपोर्ट पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है। हालांकि, अभी इसके किसी भी संभावित असर पर बात करना जल्दबाजी होगी। बता दें कि अमेरिकी सीनेट से 86-11 वोट से पास हुआ लिंडसे ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026 अब हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स यानी अमेरिकी कांग्रेस में जाएगा, जहां सीनियर डेमोक्रेट्स ने इसके टैरिफ प्रोविजन पर आपत्ति जताई है।

दो कंपनियों के FSSAI लाइसेंस निलंबित, खाद्य सुरक्षा उल्लंघन पर हुई कार्रवाई
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने शनिवार को उत्तर प्रदेश की वीकेसी नट्स प्राइवेट लिमिटेड (VKC Nuts Private Ltd) और महाराष्ट्र की छेड़ा स्पेशियलिटी फूड्स (Chheda Specialities Foods Pvt Ltd) के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए। निरीक्षण में गंभीर खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता उल्लंघन पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई। VKC Nuts में पिस्ता में जीवित कीट, कच्चे माल में फफूंद, कृंतक मल और जंग लगी मशीनरी मिली। खराब स्वच्छता, सामग्री का अनुचित अलगाव और बैच संख्या/समाप्ति विवरण की कमी भी पाई गई। इस इकाई का अनुपालन स्कोर 38 फीसदी दर्ज किया गया। छेडा स्पेशियलिटी फूड्स (Chheda Specialities Foods) में नंगे हाथों से बेसन मिलाना, सड़े कचरे के पास काम और खाद्य तेल टैंकों के पास फफूंद जैसी अस्वच्छ प्रथाएं मिलीं। अपर्याप्त अपशिष्ट प्रबंधन और छत से रिसाव भी देखा गया। पहले के नमूने "असुरक्षित" या "गलत ब्रांडेड" पाए गए थे। इस इकाई का अनुपालन स्कोर 42 फीसदी था। FSSAI ने कहा कि सुधारात्मक उपाय करने तक लाइसेंस निलंबित रहेगा।

यूपीआई उपभोक्ताओं पर नहीं लगोगा कोई शुल्क
भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 में संशोधन के लिए विधेयक के पारित होने के बाद ऐसे लेन-देन पर शुल्क लगाने संबंधी आशंकाओं को सरकार ने निराधार बताया है। सरकार ने शनिवार को साफ किया कि उपभोक्ताओं और छोटे व्यापारियों के लिए यूपीआई सेवाएं निशुल्क बनी रहेंगी। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा, भविष्य में शुल्क लागू होने पर व्यापारियों के लिए मामूली मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू होगा। हालांकि, एमडीआर केवल एक निश्चित सीमा से ऊपर, एक सीमित संख्या में व्यापारी लेन-देन पर मामूली दर से लागू होंगे, जो डेबिट या क्रेडिट कार्ड के एमडीआर की तुलना में बहुत कम होगा। अधिकांश व्यापारियों के लिए भी यूपीआई लेन-देन शुल्क मुक्त होगा।
विज्ञापन

2028 तक देश में उड़ान भर सकती है इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी : नायडू
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने कहा कि हम चाहते हैं, 2028 तक देश में इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी उड़ान भरें। इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग (ईवीटीओएल) एयरक्राफ्ट बंगलूरू, मुंबई और दिल्ली जैसे भीड़भाड़ वाले बड़े शहरों के लिए आवाजाही का एक नया विकल्प बन सकते हैं। सरला एविएशन के नए हेडक्वार्टर के उद्घाटन अवसर पर उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि इस नई प्रौद्योगिकी की टेस्टिंग अगले साल रफ्तार पकड़ेगी। डीजीसीए ने सरला एविएशन को डिजाइन ऑर्गनाइजेशन अप्रूवल दे दिया है। यह कंपनी के ईवीटीओएल एयरक्राफ्ट के विकास की दिशा में एक नियामक कदम है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें