भारतीय सेना को उन्नत हल्के रडार से लैस किया जाएगा। रक्षा मंत्रालय ने इसके लिए भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लि. के साथ करीब 770 करोड़ रुपये का खरीद समझौता किया है। इन रडार की मदद से लड़ाकू विमानों के आकार वाले हवाई लक्ष्यों के साथ ही छोटे व सूक्ष्म ड्रोन का भी पता लगाया जा सकेगा।
अमेरिकी अरबपति एलन मस्क की कार कंपनी टेस्ला ने नवीनतम तिमाही में लाभ में गिरावट दर्ज की, पर उसके नकदी प्रवाह में भारी वृद्धि हुई। कंपनी ने तीसरी तिमाही में 787 मिलियन डॉलर का शुद्ध लाभ बताया, जो पिछले साल की तुलना में 44 फीसदी कम है। तिमाही में 1.5 अरब डॉलर का मुक्त नकदी प्रवाह खास रहा। राजस्व लगभग 28 अरब डॉलर पर सपाट रहा। एलन मस्क ने स्पेसएक्स के साथ टेस्ला के संभावित विलय की बात कही, जिसके लिए दोनों कंपनियों में विशेष समितियां बनाई गई हैं। टेस्ला के ड्राइवर-असिस्टेंस सॉफ्टवेयर की मांग अधिक है, उत्तरी अमेरिका में बेचे गए 75 फीसदी वाहनों में इसकी सदस्यता शामिल है। पूंजीगत खर्च दोगुना होकर 4.7 अरब डॉलर हो गया, लेकिन पूरे साल का अनुमान 25 अरब डॉलर से घटाकर 20 अरब डॉलर कर दिया गया।
वीडियो गेम के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी इलेक्ट्रॉनिक आर्ट्स (EA) ने तीन दशक से अधिक पुराने गेम विकास स्टूडियो बायोवेयर को बंद कर दिया है। इसके साथ ही, 2007 के बाद "मास इफेक्ट" गेम के पांचवें संस्करण का लॉन्च भी रद्द कर दिया गया है। बायोवेयर ने बुधवार को सोशल मीडिया पर इसकी घोषणा की। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में बताया गया कि कंपनी 400 लोगों की छंटनी कर रही है, जिसमें बायोवेयर के करीब 50 कर्मचारी शामिल हैं। बायोवेयर ने "बाल्डर्स गेट", "ड्रैगन एज" और "मास इफेक्ट" जैसे गहरे अनुभव वाले रोल-प्लेइंग गेम्स से अपनी पहचान बनाई थी। हालांकि, 2019 में मल्टीप्लेयर शूटर "एंथम" में जाने का इसका प्रयास विफल रहा। इसके लोकप्रिय फ्रेंचाइजी के हालिया संस्करणों को भी मिली-जुली समीक्षाएं मिलीं। कनाडा स्थित बायोवेयर की स्थापना 1995 में हुई थी और EA ने इसे 2007 में अधिग्रहित किया था।
एसबीआई डाटा लीक का दावा: कितने लोगों की जानकारी लीक हुई, सुरक्षा में सेंध कितनी गंभीर?
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में हुए डाटा उल्लंघन के विवाद पर साइबर धोखाधड़ी मामलों के जानकार राजेश गुप्ता ने कहा, एक हैकर समूह ने करीब 2,75,000 लोगों का संवेदनशील डेटा होने का दावा किया है। इसमें नाम, जन्मतिथि, पता और लिंग जैसी महत्वपूर्ण व्यक्तिगत जानकारी शामिल है। एसबीआई ने स्वीकार किया है कि लगभग 3,800 व्यक्तियों का डेटा प्रभावित हुआ है। बैंक ने अब एक सरकारी अधिकृत एजेंसी को जांच के लिए लगाया है। यह जांच करेगी कि उल्लंघन कैसे हुआ और डेटा डार्क वेब पर कैसे पहुंचा। राजेश गुप्ता ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने पर ही सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने तकनीकी खराबी, सर्वर की भेद्यता या आंतरिक मिलीभगत की संभावना जताई। यदि यह ऋण संबंधी डेटा है, तो डीएसए जैसी तीसरी पार्टियों की भूमिका भी हो सकती है। ऐसे महत्वपूर्ण डेटा के लिए नियमित सुरक्षा ऑडिट जरूरी हैं।