नायका के मुनाफे में तीन गुना की वृद्धि
फैशन और ब्यूटी रिटेलर नायका की मूल कंपनी एफएसएन ई-कॉमर्स को सितंबर तिमाही में 34.4 करोड़ रुपये का फायदा हुआ है। एक साल पहले की समान अवधि के 10.04 करोड़ की तुलना में यह तीन गुना अधिक है। राजस्व 25 फीसदी बढ़कर 2,345.98 करोड़ रुपये रहा। तिमाही आधार पर लाभ और राजस्व क्रमशः 47.64 और 8.86 फीसदी बढ़ा है।
10,000 करोड़ रुपये जुटा सकती है स्विगी
स्विगी के बोर्ड ने योग्य संस्थागत प्लेसमेंट या किसी अन्य माध्यम से एक या एक से अधिक किस्तों में 10,000 करोड़ रुपये तक की धनराशि जुटाने को मंजूरी दे दी है। खाद्य वितरण और त्वरित वाणिज्य व्यवसायों वाली स्विगी ने हाल ही में कहा था कि बाहरी वातावरण प्रतिस्पर्धी और गतिशील है। इसलिए कंपनी का बोर्ड अतिरिक्त धन जुटाने पर विचार करेगा।
नाल्को के फायदे में 37 फीसदी की बढ़ोतरी
सरकारी कंपनी नेशनल एल्युमीनियम कंपनी लि. (नाल्को) को सितंबर तिमाही में 1,429.94 करोड़ का फायदा हुआ है। एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में 36.7 फीसदी अधिक है। राजस्व बढ़कर 4,292 करोड़ रहा। कंपनी पांच वर्षों में 30,000 करोड़ का निवेश करेगी। इस दौरान महारत्न कंपनी बनने की भी योजना बना रही है।
पैनासोनिक इंडिया के चेयरमैन मनीष शर्मा का इस्तीफा
पैनासोनिक लाइफ सॉल्यूशंस इंडिया के चेयरमैन मनीष शर्मा ने एक दशक से अधिक समय तक देश में उपकरण व उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद निर्माता कंपनी का नेतृत्व करने के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
शर्मा को 2012 में पैनासोनिक इंडिया के एमडी और सीईओ की जिम्मेदारी दी गई थी और तब से वे कंपनी का नेतृत्व कर रहे हैं। जानकारी के अनुसारइस वर्ष के अंत तक अपने पद पर बने रहेंगे ताकि नेतृत्व में सुचारु रूप से बदलाव हो सके।
पीटीआई की ओर से संपर्क किए जाने पर शर्मा ने इस्तीफे की पुष्टि की और कहा, "यह एक व्यक्तिगत, विचारशील निर्णय है, और मैं देश के विनिर्माण विकास को आगे बढ़ाना जारी रखूंगा।" शर्मा ने कहा कि वह अपना नोटिस पीरियड पूरा करने के बाद जनवरी 2026 में अपने अगले कदम की घोषणा करेंगे।
एक बयान में पैनासोनिक ने भी इस्तीफे की पुष्टि की और कहा कि शर्मा ने भारत में पैनासोनिक की व्यावसायिक रणनीति, विकास पथ और संगठनात्मक संस्कृति को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
टी बोर्ड ने खाद्य सुरक्षा मानकों को अपनाने पर दिया जोर
चाय बोर्ड ने चाय उद्योग में खाद्य सुरक्षा मानकों को प्रभावी रूप से लागू करने की जरूरत पर बल दिया है। बोर्ड का कहना है कि इन मानकों को अपनाने से उद्योग को न सिर्फ दीर्घकालिक स्थिरता मिलेगी, बल्कि यह बागान के पर्यावरण की रक्षा और कर्मचारियों व छोटे किसानों के कल्याण को भी सुनिश्चित करेगा।
बोर्ड द्वारा जारी नए प्लांट प्रोटेक्शन कोड (पीपीसी) में कहा गया है कि खाद्य सुरक्षा हासिल करने के लिए अच्छे कृषि अभ्यास को अपनाना आवश्यक है। इसमें एकीकृत कीट प्रबंधन और वैकल्पिक कीट नियंत्रण रणनीतियों को बढ़ावा देने की बात कही गई है, ताकि रासायनिक पदार्थों पर निर्भरता धीरे-धीरे कम की जा सके। बोर्ड के अनुसार, फसल के शुरुआती चरण से ही बड़े पैमाने पर एकीकृत कीट प्रबंधन अपनाना जरूरी है, ताकि खाद्य सुरक्षा के साथ फसल संरक्षण भी सुनिश्चित हो सके।