सोने पर आयात शुल्क आधा कर दिया जाए और इसकी तस्करी पर पूरी तरह से रोक लगाकर बिक्री और खरीद कैशलेस कर दी जाए तो सोने पर सुहागा हो जाएगा। ताजनगरी में गुरुवार से शुरू हुए बुलियन ग्लोबल फेडरेशन कन्वेंशन में देश और दुनिया भर के बुलियन कारोबारियों ने बुलियन की खरीद-बिक्री को कैशलेस करने के साथ एक दर्जन मांगें उठाईं।
जेपी पैलेस होटल में शाम को बुलियन फेडरेशन कन्वेंशन का शुभारंभ पूर्व केंद्रीय मंत्री डा. रामशंकर कठेरिया ने केंद्रीय प्रत्यक्षकर बोर्ड के पूर्व चेयरमैन अरुण जैन, बुलियन फेडरेशन अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल, सचिव हरेश आचार्य के साथ किया। पूर्व मंत्री कठेरिया ने कहा कि सोना हर भारतीय परिवार में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
सुख-दुख में यही सोना उनका साथी है। अगर देश में बुलियन इंडस्ट्री का विकास होगा तो भारतीय अर्थ व्यवस्था भी मजबूत होगी। सीबीडीटी के पूर्व चेयरमैन अरुण जैन ने कहा कि कुछ योजनाओं को बदले जाने की जरूरत है। भारत सरकार ने सोना मुद्रीकरण योजना निकाली है, लेकिन इसे बेहतर रूप में कई बदलाव करके सामने लाने की जरूरत है, ताकि छिपा हुआ सोना तिजोरी से बाहर आ सके। एक्साइज ड्यूटी, इंपोर्ट ड्यूटी और कस्टम बुलियन कारोबारियों को परेशानी में डाल रहा है।
इससे बुलियन ट्रेड में कमी आई है। उद्घाटन सत्र के बाद पूर्व मंत्री कठेरिया ने होटल परिसर में लगाई प्रदर्शनी और स्टॉल का उद्घाटन किया। दुनिया भर की कंपनियां, बुलियन डीलर, रिफाइनरीज और इंपोर्टर के साथ बैंक इस कन्वेंशन का हिस्सा बने हैं। 500 से ज्यादा कारोबारी 24 जुलाई तक ताजनगरी में रहकर सोने की तस्करी रुकवाने और टैक्स दरों में कमी के मुद्दे पर चर्चा करेंगे। उद्घाटन समारोह में अजय अवागढ़, महेश वर्मा आदि मौजूद रहे।