वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को उभरते उद्यमियों के वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के कोष के साथ स्टार्टअप के लिए ‘फंड ऑफ फंड्स’ योजना के एक और दौर की घोषणा की। एलान इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि सरकार स्टार्टअप के माध्यम से नवाचार को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
सरकार ने बजट में युवाओं के लिए किए ये एलान
सरकार ने बजट में युवाओं को ध्यान में रखते हुए स्टार्टअप्स के लिए ऋण सीमा को 10 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये किया गया है। साथ ही 27 फोकस क्षेत्रों में ऋण गारंटी को घटाकर एक प्रतिशत कर दिया गया है। सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के लिए ऋण सीमा को 5 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये किया गया है। साथ ही उद्यम पोर्टल पर पंजीकृत सूक्ष्म उद्यमों के लिए पांच लाख रुपये की सीमा वाले कस्टमाइज्ड क्रेडिट कार्ड शुरू किए जाएंगे। पहले वर्ष में ऐसे 10 लाख कार्ड जारी किए जाएंगे। फंड ऑफ फंड्स का एलान किया है। सरकार ने फंड ऑफ फंड्स की स्थापना की है, जिसके तहत सरकार स्टार्टअप्स के लिए 10 हजार करोड़ की मदद देगी।
कौशल विकास के लिए पांच राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जाएंगे
सरकार वैश्विक विशेषज्ञता और साझेदारी के साथ कौशल विकास के लिए पांच राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करेगी। पांच आईआईटी संस्थानों में बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाएगा। सरकार ने बताया कि बीते 10 वर्षों में आईआईटी संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या 65 हजार से बढ़कर 1.35 लाख हो गई है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता में बेहतर शिक्षा के लिए 500 करोड़ रुपये की लागत से एक कॉलेज स्थापित किया जाएगा। अगले साल मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में 10 हजार से ज्यादा अतिरिक्त सीटें जोड़ी जाएंगी। अगले पांच वर्षों में 75 हजार सीटें जोड़ने का लक्ष्य है। अगले पांच वर्षों में पीएम रिसर्च फेलोशिप योजना के अनुसार, आईआईटी और आईआईएससी में तकनीकी अनुसंधान के लिए 10 हजार फेलोशिप प्रदान की जाएंगी।
किन बिंदुओं पर आधारित है बजट 2025-26?
- विकास की रफ्तार बढ़ाने के लिए
- समग्र विकास करने के लिए
- निजी क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए
- घरेलू संवेदनाओं को मजबूत करने के लिए
- मध्यम वर्ग की खर्च करने की क्षमता को बढ़ाने के लिए