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Budget 2025-26: 6.81 लाख करोड़ रुपये के रक्षा बजट का एलान, पिछले साल के मुकाबले मामूली बढ़ोतरी

Sat, 01 Feb 2025 02:24 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Budget 2025-26 Latest News in Hindi: शनिवार को घोषित बजट में वित्त मंत्री ने 6,81,210 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। पिछले साल यह आंकड़ा 6,21,940 करोड़ रुपये था। 
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बजट 2025 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का दूसरा बजट पेश कर दिया है।। बजट 2025 में रक्षा मद में 6.81 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। पिछले बजट के मुकाबले इसमें मामूली बढ़ोतरी हुई है। शनिवार को घोषित बजट में वित्त मंत्री ने 6,81,210 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। पिछले साल यह आंकड़ा 6,21,940 करोड़ रुपये था। बजट में कुल रक्षा पूंजीगत व्यय 1,92,387 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। इसमें राजस्व व्यय 4,88,822 करोड़ रुपये रखा गया है, जिसमें पेंशन के लिए 1,60,795 करोड़ रुपये शामिल हैं। पूंजीगत व्यय के तहत, विमान और एयरो इंजन के लिए 48,614 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं, जबकि नौसेना बेड़े के लिए 24,390 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। अन्य उपकरणों की खरीद के लिए 63,099 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है।

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रक्षा क्षेत्र को पिछले बजट में क्या मिला?

सरकार ने 2024-25 के लिए रक्षा बजट का हिस्सा 2023-24 (संशोधित) में 4,55,897 करोड़ रुपये से घटाकर 4,54,773 करोड़ रुपये कर दिया था। जबकि 2023-24 में बजट अनुमान 4,32,720 करोड़ रुपये था। रक्षा बजट 2024 के लिए 6,21,940 करोड़ रुपये निर्धारित था। जिसमें निर्धारित राजस्व खर्च (रेवेन्यू) 4,39,700 करोड़ रुपये, पूंजीगत खर्च (कैपिटल एक्सपेंडिचर) 1,82,240 करोड़ रुपये रहा। फरवरी में जारी किए गए अंतरिम बजट के कुल आवंटन में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अंतरिम बजट से पूंजीगत परिव्यय में केवल 10,000 करोड़ की वृद्धि हुई है। देखा जाए, तो केवल रक्षा क्षेत्र में पूंजीगत बजट में ही बढ़ोतरी हुई है।

आजादी के बाद रक्षा क्षेत्र पर खर्च कितना बढ़ा? 

आजादी के बाद देश का पहला बजट 26 नवंबर 1947 को आरके शनमुघम चेट्टी ने पेश किया था। इस बजट का कुल आकार यानी कुल खर्च का अनुमान ₹197.39 करोड़ था। इस बजट में सबसे अधिक आवंटन रक्षा क्षेत्र के लिए ही किया गया था। स्वतंत्र भारत के पहले बजट में 92.74 करोड़ रुपए यानी 46% सिर्फ रक्षा सेवाओं पर खर्च किए जाने की बात कही गई थी। इसके बाद मोदी सरकार के सत्ता में आने से पहले यानी 2013-14 के बजट में रक्षा क्षेत्र पर 2,03,672 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया था। मोदी सरकार के पिछले बजट यानी 2024-25 तक रक्षा बजट का आकार 2013-14 की तुलना में दोगुने से भी अधिक हो गया है। 

चीन का बजट हमसे ज्यादा

अप्रैल 2024 को स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की रक्षा खर्च पर जो रिपोर्ट आई थी, उसके आंकड़ों के मुताबिक 2023 में सबसे अधिक सैन्य खर्च वाले टॉप 10 देशों में 83.6 बिलियन डॉलर के खर्च के साथ भारत चौथे नंबर है। वहीं इसके मुकाबले में चीन के रक्षा खर्च की बात करें, तो 296 बिलियन डॉलर के साथ चीन दूसरे नंबर पर है। भारत का रक्षा बजट चीन के रक्षा बजट से एक-तिहाई कम है। 

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