फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

SEBI: 'बुच के जवाबों से और सवाल उठते हैं', कांग्रेस बोली- वित्तीय लेन-देन के 'तथ्यों' का अब तक खंडन नहीं किया

Tue, 17 Sep 2024 12:08 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कांग्रेस नेता ने कहा कि सेबी अध्यक्ष और उनके पति के वित्तीय लेन-देन के बारे में जो तथ्य सामने रखे गए हैं, उनका अब तक किसी ने खंडन नहीं किया है। उन्होंने कहा, "अब सवाल यह है कि क्या वित्त मंत्री और गैर-जैविक प्रधानमंत्री को कम से कम 2022 से ही इन तथ्यों की जानकारी थी।?"
विज्ञापन
सेबी प्रमुख माधवी बुच और कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश। - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कांग्रेस ने मंगलवार को एक बार फिर सेबी अध्यक्ष माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच पर निशान साधा। मुख्य विपक्षी दल ने बुच दंपती की ओर से दिए गए जवाबों पर कहा कि ये जवाब और भी अधिक सवाल खड़े करते हैं। कांग्रेस ने जोर देकर कहा कि उनके वित्तीय लेन-देन के बारे में जो तथ्य सामने रखे गए हैं, उनका अब तक किसी ने खंडन नहीं किया है।

विज्ञापन


कांग्रेस की ओर से यह टिप्पणी सीतारमण के उस बयान के एक दिन बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि माधवी बुच और उनके पति धवल बुच अपना बचाव कर रहे हैं और कांग्रेस के आरोपों का खंडन करने वाले तथ्य पेश कर रहे हैं। रमेश ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "वित्त मंत्री ने अंततः सेबी अध्यक्ष के हितों के टकराव के मुद्दे पर केंद्र सरकार की चुप्पी तोड़ी है।" रमेश ने कहा, "उन्होंने (सीतारमण) कहा है कि सेबी अध्यक्ष और बुच 'हितों के टकराव के आरोपों पर जवाब दे रहे हैं। लेकिन ये जवाब और भी सवाल खड़े करते हैं।"

कांग्रेस नेता ने कहा कि सेबी अध्यक्ष और उनके पति के वित्तीय लेन-देन के बारे में जो तथ्य सामने रखे गए हैं, उनका अब तक किसी ने खंडन नहीं किया है। उन्होंने कहा, "अब सवाल यह है कि क्या वित्त मंत्री और गैर-जैविक प्रधानमंत्री को कम से कम 2022 से ही इन तथ्यों की जानकारी थी। क्या वे वास्तव में सोचते हैं कि ये तथ्य मामूली हैं और किसी भी तरह से पूंजी बाजार नियामक के कामकाज से समझौता नहीं हुआ है?"
विज्ञापन


रमेश ने पूछा कि क्या अदाणी समूह के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की ओर से निर्देशित सेबी जांच वास्तव में निष्पक्ष रही है? उन्होंने कहा, "इस मामले पर अभी अंतिम सुनवाई नहीं हुई है।"

माधबी बुच प्रकरण पर एक प्रश्न के उत्तर में वित्त मंत्री सीतारमण ने सोमवार को कहा था, "कुछ आरोपों का जवाब दिया जा चुका है... मुझे लगता है कि तथ्यों पर विचार करना होगा।" यह पहली बार था जब सीतारमण ने इस मुद्दे पर बात की थी। यह पूछे जाने पर कि क्या वह माधबी बुच के जवाबों से संतुष्ट हैं, सीतारमण ने कहा, "मैं यहां इसका फैसला करने नहीं आई हूं।"

पिछले शुक्रवार को जारी एक संयुक्त बयान में, माधबी बुच और उनके पति ने कांग्रेस की ओर से लगाए गए अनुचित व्यवहार और हितों के टकराव के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि ये झूठे, दुर्भावनापूर्ण और प्रेरित हैं।

कांग्रेस के आरोपों का बिंदुवार खंडन करते हुए बुच दंपती की ओर से कहा गया कि उन्होंने सभी खुलासे किए हैं और सेबी के दिशानिर्देशों का पालन किया है।

बुच दंपत्ति ने कहा था, "हम ईमानदार और सच्चे पेशेवर हैं तथा हमने अपने-अपने पेशेवर जीवन को पारदर्शिता और गरिमा के साथ जिया है।" उन्होंने अपने कार्य रिकॉर्ड को "बेदाग" बताया था तथा कहा था कि वे भविष्य में सभी "प्रेरित आरोपों" का जवाब देंगे"।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें