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Rishi Sunak: 'भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौता करने पर जोर'; मार्च 2024 तक करार पूरा करने के इच्छुक हैं सुनक

Sun, 31 Dec 2023 07:09 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लंदन

सार

भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के प्रमुख एजेंडों में एक है। एक रिपोर्ट के मुताबिक सुनक अप्रैल तक भारत के साथ एफटीए हासिल करने के इच्छुक हैं।
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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक (फाइल) - फोटो : twitter/@Conservatives
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ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) करने के इच्छुक हैं। यूके मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2024 के अंत में ईस्टर के त्योहार से पहले सुनक एफटीए को अंतिम रूप देने के इच्छुक हैं। बता दें कि भारत-ब्रिटेन एफटीए वार्ता पिछले साल जनवरी में शुरू हुई थी। इसका मकसद द्विपक्षीय व्यापार साझेदारी को 36 बिलियन  पाउंड (जीबीपी) तक ले जाना था। 15 दिसंबर को 13वें दौर की वार्ता खत्म हुई। अब 2024 में दोनों देशों की बातचीत का नया दौर शुरू होने की उम्मीद है। यह बातचीत का आखिरी दौर होगा।
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डेली एक्सप्रेस अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री सुनक और उनके भारतीय समकक्ष पीएम मोदी अप्रैल तक मुक्त व्यापार समझौते को पूरा करने के इच्छुक हैं। उम्मीद है कि एक अप्रैल को समझौते पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं। यानी भारत में आम चुनाव 2024 शुरू होने से पहले एफटीए पर मुहर लगाई जा सकती है।

व्यापार वार्ता से जुड़े एक करीबी सूत्र के हवाले से आई रिपोर्ट के मुताबिक FTA को अंतिम रूप देने में काफी प्रगति हुई है। हालांकि, कुछ कठिन पहलुओं पर वार्ता अभी भी लंबित है। सूत्र ने बताया, प्रगति के बावजूद करार को अंतिम रूप देना सबसे कठिन होता है। कई हफ्तों से वार्ताकार एफटीए से जुड़े विवरणों पर विचार कर रहे हैं। भारत में होने वाले आम चुनावों की समय सीमा को देखकर काम किया जा रहा है।
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सूत्र ने कहा, ऋषि सुनक और पीएम मोदी दोनों ही FTA के लिए उत्सुक हैं। अब सबकी नजरें करार पर आधिकारिक साइन पर है। दरअसल, भारत और ब्रिटेन में 2024 में आम चुनाव होने हैं। माना जा रहा है कि दोनों पक्षों के नेता चुनावी मोड में आने से पहले व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करना विशेष रूप से जरूरी मान रहे हैं।

खबरों के मुताबिक यूके को उम्मीद है कि एफटीए भारत के लिए स्कॉच व्हिस्की और कारों के व्यापार के साथ-साथ सर्विस सेक्टर में भी संभावनाओं के नए दरवाजे खोलेगा। FTA के बाद निवेश के नए अवसर भी बनेंगे। भारत में विनिर्मित वस्तुओं को दूसरे देशों में भेजा जाएगा। भारत ब्रिटेन से पेशेवर वीजा पर समझौते की मांग भी करेगा।
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