फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिटक्वाइन में निवेश करने वालों का पैन-आधार के जरिए सरकार कसेगी नकेल

Tue, 13 Feb 2018 11:41 AM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन

वर्चुअल करेंसी बिटक्वाइन के कारोबार को केंद्र सरकार द्वारा अवैध करार दिए जाने के बाद इसको वैध करने की तैयारी में इंडस्ट्री लग गई है। बिटक्वाइन एक्सचेंज द्वारा इंटरनेट और मोबाइल एसोसिएशन पर ब्लॉकचेन-क्रिप्टोकरेंसी पर बनाई गई कमेटी ने इसके लिए एक प्रस्ताव तैयार किया है। 

विज्ञापन


आधार, पैन से तैयार होगा डाटा
प्रस्ताव के अनुसार, जो भी व्यक्ति बिटक्वाइन को खरीदेगा या फिर बेचेगा उसके लिए एक केंद्रीय रिपॉसिटरी बनाई जाएगी, जिसको रियल टाइम पर अपडेट किया जाएगा। इस डाटा को तैयार करने में खरीददारी करने वाले व्यक्ति का आधार कार्ड अथवा पैन कार्ड मांगा जाएगा। 

यह होगी जानकारी
इस डाटा में व्यक्ति के पास कितनी क्रिप्टोकरेंसी है, उसकी वैल्यू और कितनी बार खरीदा व बेचा गया है इसकी जानकारी होगी। कमेटी के अध्यक्ष अजीत खुराना ने कहा कि वो सरकार को एक हफ्ते भीतर यह प्रस्ताव देंगे। सरकार की तरफ से आर्थिक मामलों के सचिव एससी गर्ग की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी मार्च में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। सरकार भी क्रिप्टोकरेंसी को मॉनिटर करने के लिए एक रेग्यूलेटर को जल्द नियुक्त कर सकती है। 

विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

एक महीने में गिर गए दाम

bitcoin
वर्चुअल करेंसी बिटक्वाइन के प्राइस में पिछले एक माह में 11 हजार डॉलर से अधिक की कमी दर्ज की गई है। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने कहा है कि देश में जिन लोगों ने इसके जरिए कमाई की थी, उनको अब टैक्स भी देना होगा।

1 फरवरी को वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा बिटक्वाइन को अवैध घोषित करने के साथ ही इंटरनेशनल मार्केट में इसका दाम लगातार गिरता जा रहा है। जहां आप देश में एक सिक्के को चार लाख पचास हजार रुपये में खरीद सकते हैं, वहीं बेचने पर करीब 10 हजार रुपये का नुकसान उठाना पड़ेगा। 

कमाई पर देना होगा टैक्स
उधर केंद्र सरकार ने कहा है कि 1 फरवरी से पहले जिन लोगों ने बिटक्वाइन समेत किसी भी तरह की वर्चुअल करेंसी को खरीदा या बेचा है, तो उस पर टैक्स देना होगा। सेट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्‍ट टैक्‍सेज के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने मंगलवार को कहा कि जिन लोगों ने बिटकॉइन से कमाई की है, उन्हें इस पर टैक्‍स देना पड़ेगा। उनकी इनकम का स्रोत भी पूछा जाएगा। अगर उन्‍होंने टैक्‍स नहीं दिया तो उनके खिलाफ सख्‍त एक्‍शन लिया जाएगा।

RBI ने पहले ही किया था खारिज
सरकार के ऐलान से पहले रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया भी बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी को खारिज कर चुकी है। चर्चा थी कि रिलायंस भी जियोकॉइन के नाम से क्रिप्टोकरेंसी लॉन्च करने की तैयारी में है लेकिन बजट से पहले जियो ने भी साफ कर दिया कि ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जाएगा। 

रिपोर्ट्स में सामने आया कि क्रिप्टो करंसी के नाम पर बड़ी मात्रा में काले धन को खपाया जा रहा है। जिस पर सरकार ने पहले भी साफ किया था इस तरह की करेंसी भारत में कानूनी तौर पर मान्य नहीं है। इसी कड़ी में वित्त मंत्री ने बजट भाषण में साफ कर दिया था कि बिटकॉ़इन या फिर इस तरह की कोई भी क्रिप्टो करेंसी भारत में मान्य नहीं है।

सरकार के इस ऐलान के बाद उन लोगों को बड़ा झटका लगेगा जिन्होंने बिटकॉइन में निवेश किया था। यानी की बाजार में लाखों लोगों को करोड़ों और अरबों का नुकसान होगा। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें