Biz Updates: भारत पे के सह-संस्थापक अशनीर ग्रोवर के निष्कासन के बाद शीर्ष स्तर के कर्मचारियों की विदाई की शृंखला के बीच जनवरी 2023 में जब सुहेल समीर ने CEO का पद छोड़ा था तब से नेगी अंतरिम सीईओ के रूप में काम कर रहे थे। अब उन्हें नियमित सीईओ की जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
भारतपे ने नलिन नेगी को आधिकारिक तौर पर अपना मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त कर दिया है। इससे पहले 15 महीनों से वे अंतरिम सीईओ और मुख्य वित्तीय अधिकारी के रूप में काम कर रहे थे। नेगी, 2022 में भारतपे से जुड़े थे। भारत पे के सह-संस्थापक अशनीर ग्रोवर के निष्कासन के बाद शीर्ष स्तर के कर्मचारियों की विदाई की शृंखला के बीच जनवरी 2023 में जब सुहेल समीर ने CEO का पद छोड़ा था तब से नेगी अंतरिम सीईओ के रूप में काम कर रहे थे। कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा है कि नेगी के नेतृत्व में भारत पे के परिचालन राजस्व में वित्तीय वर्ष 2023 में करीब 182% का इजाफा हुआ। इस दौरान अक्तूबर महीने में पहली बार कंपनी का EBITDA सकारात्मक दायरे में आया। जल्द ही कंपनी नए सीएफओ का एलान कर सकती है।
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मस्क के दौरे से पहले स्पेस क्षेत्र में 100% एफडीआई नियम अधिसूचित
टेस्ला के मालिक एलन मस्क के 22 अप्रैल को भारत दौरे से पहले ही वित्त मंत्रालय ने सेटेलाइट संबंधी गतिविधियों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश यानी एफडीआई की सीमा बढ़ाकर 100% कर दी है। नियमों में संशोधन के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। इससे पहले केंद्रीय कैबिनेट ने स्पेस क्षेत्र में कुछ गतिविधियों के लिए ऑटोमेटिक रूट के जरिये एफडीआई सीमा 100 फीसदी तक बढ़ाने को मंजूरी दी थी। इन गतिविधियों में सेटेलाइट से जुड़े कलपुर्जे और अन्य सिस्टम का विनिर्माण शामिल हैं। निवेश करने वाली कंपनी को भारतीय स्पेस विभाग के समय-समय पर जारी दिशानिर्देशों का पालन भी करना होगा। सेटेलाइट मैन्युफैक्चरिंग, सेटेलाइट डेटा उत्पाद और ग्राउंड व यूजर सेगमेंट के लिए 75 फीसदी निवेश की मंजूरी है।
बिजली खपत 10% बढ़ी, 71 अरब यूनिट; अंबुजा में 8,339 करोड़ निवेश करेंगे अदाणी
देश में बिजली खपत अप्रैल के पहले पखवाड़े में 10 फीसदी बढ़कर 70.66 अरब यूनिट पर पहुंच गई है। एक साल पहले समान अवधि में यह 64.24 अरब यूनिट थी। आर्थिक गतिविधियों और खपत में तेजी से बिजली का उपयोग बढ़ गया है। एक दिन में सर्वाधिक खपत 218 गीगावाट की रही है। एक साल पहले समान अवधि में यह खपत 206 गीगावाट की थी। ऊर्जा मंत्रालय के मुताबिक, इस बार तपिश के लंबे समय तक रहने से अप्रैल से जून के बीच बिजली की सर्वाधिक खपत एक दिन में 260 गीगावाट तक पहुंच सकती है।
12,000 करोड़ रुपये जुटाएगी पावरग्रिड
सरकारी कंपनी पावरग्रिड वित्त वर्ष 2024-25 में बॉन्ड से 12,000 करोड़ रुपये जुटाएगी। कंपनी के बोर्ड ने बुधवार को इसकी मंजूरी दे दी है। यह रकम कंपनी एनसीडी सहित अन्य संसाधनों से जुटाएगी। इसे एक या कई चरणों में जुटाया जा सकता है।
वोडाफोन ने जुटाए 5,400 करोड़ रुपये
वोडाफोन आइडिया ने एंकर निवेशकों से 5,400 करोड़ रुपये जुटाए हैं। कंपनी का 18,000 करोड़ रुपये का फॉलोऑन पब्लिक ऑफर 10 से 11 रुपये की कीमत पर बृहस्पतिवार को खुलेगा और 22 अप्रैल को बंद होगा। यह देश का सबसे बड़ा एफपीओ है।
अंबुजा में 8,339 करोड़ निवेश करेंगे अदाणी
गौतम अदाणी का परिवार अंबुजा सीमेंट में 8,339 करोड़ का निवेश करेगा। इसके बाद परिवार का हिस्सा कंपनी में बढ़कर 70.3% हो जाएगा। इससे पहले अदाणी परिवार ने अक्तूबर, 2022 में 5,000 करोड़ निवेश किया था।
मारुति को 2.50 करोड़ रुपये का मिला नोटिस
मारुति सुजुकी को कस्टम एक्साइज एवं सेवा कर अपीलीय प्राधिकरण, चंडीगढ़ से 2.5 करोड़ रुपये का नोटिस मिला है। कंपनी ने कहा कि वह संबंधित प्राधिकरण में अपील दायर करेगी। कंपनी ने बुधवार को शेयर बाजारों को बताया कि यह सुधारित मांग नोटिस है। पहले यह 11.5 करोड़ रुपये का नोटिस था। फिर भी यह सही नहीं है। हम कानूनी सलाह ले रहे हैं और इसके खिलाफ अपील करेंगे।
स्मॉलकैप म्यूचुअल फंड का एयूएम 83 फीसदी बढ़कर 2.43 लाख करोड़ रुपये
खुदरा निवेशकों के बढ़ने और बाजार की तेजी से स्मॉलकैप म्यूचुअल फंड का एसेट अंडर मैनेजमेंट वित्त वर्ष 2023-24 में 83 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड 2.43 लाख करोड़ रुपये हो गया है। एक साल पहले यह 1.33 लाख करोड़ रुपये था। आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2023-24 में स्मॉलकैप में फोलियो की संख्या 81 लाख बढ़कर 1.9 करोड़ हो गई है जो एक साल पहले 1.09 करोड़ थी। इस दौरान स्मॉलकैप इंडेक्स में 60 फीसदी की तेजी आई है। विश्लेषकों का मानना है कि स्मॉलकैप स्कीम चालू वित्त वर्ष में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं। हालांकि, हालिया सेबी की चेतावनी के कारण फंड से निकासी भी हुई है। सेबी के नियमों के मुताबिक, फंड मैनेजरों को पोर्टफोलियो का स्मॉलकैप शेयरों में कम से कम 65% का निवेश करना होता है।
कीमतों में कमी से कच्चे तेल के आयात मूल्य में 16% की गिरावट
अंतरराष्ट्रीय दरों में कमी से भारत के कच्चे तेल के आयात में 16% की गिरावट आई है। हालांकि, विदेशी आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भरता नई ऊंचाई पर पहुंच गई है। भारत ने 2023-24 में 23.25 करोड़ टन कच्चा तेल आयात किया। इसके लिए 132.4 अरब डॉलर का भुगतान किया गया। 2022-23 में 157.5 अरब डॉलर का भुगतान किया गया था। पेट्रोलियम योजना और विश्लेषण सेल के अनुसार कच्चे तेल की आयात निर्भरता 2023-24 में 87.4 प्रतिशत से बढ़कर 87.7 प्रतिशत हो गई। भारत के घरेलू उत्पादन में गिरावट आई जिससे उसकी आयात निर्भरता बढ़ गई है। आंकड़ों के मुताबिक, भारत ने इस दौरान 47.4 अरब डॉलर के 6.22 करोड़ टन उत्पादों का निर्यात भी किया है।
शुद्ध आयात बिल 121 अरब डॉलर रहा
मंत्रालय ने बताया कि शुद्ध तेल और गैस आयात बिल (आयात से निर्यात को घटाकर) 2023-24 में 144.2 अरब डॉलर से कम होकर 121.6 अरब डॉलर रहा। सकल आयात के प्रतिशत के रूप में पेट्रोलियम आयात (मूल्य के संदर्भ में) 25.1 प्रतिशत रहा, जो वित्त वर्ष 2022-23 में 28.2 प्रतिशत से कम है।