ज्यादा मुनाफे और आसान निकासी का लालच देकर निवेशकों का पैसा फंसाने के आरोप में बंगलूरू पुलिस ने दो बड़ी फिनटेक कंपनियों पर शिकंजा कसा है। बंगलूरू की वर्थुर पुलिस ने गुड़गांव स्थित फिनटेक कंपनियों- 'ट्रांजैक्ट्री टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड' (लैंडबॉक्स) और 'वन मोबिक्विक सिस्टम्स लिमिटेड' (मोबिक्विक)- के खिलाफ धोखाधड़ी और निवेशकों के फंड के गलत इस्तेमाल का मामला दर्ज किया है। यह पूरा मामला मोबिक्विक एक्स्ट्रा इन्वेस्टमेंट स्कीम से जुड़ा है, इसमें देशभर के सैकड़ों निवेशकों के करोड़ों रुपये फंसने की आशंका है।
पुलिस के मुताबिक, इन कंपनियों ने अपनी 'मोबिक्विक एक्स्ट्रा' स्कीम का जमकर प्रचार किया था। निवेशकों को यह लालच दिया गया था कि यह योजना फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) की तरह ही सुरक्षित है, जिसमें अच्छे रिटर्न के साथ-साथ जब चाहे तब पैसा निकालने (लिक्विडिटी) की सुविधा मिलेगी। इन लुभावने वादों पर भरोसा करके लोगों ने निवेश तो कर दिया, लेकिन बाद में कंपनियों ने बिना निवेशकों की सहमति के पैसे निकालने पर रोक लगा दी और वे अपने ही पैसे नहीं निकाल पाए।
पुलिस के पास मुख्य रूप से दो निवेशकों ने शिकायत दर्ज कराई है, जिससे इस बड़े फर्जीवाड़े का अंदेशा हुआ है:
पहली शिकायत में 5 मई की एक 'बॉरोअर मैपिंग रिपोर्ट' और लेंडर वेरिफिकेशन का भी हवाला दिया गया है। इससे यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इस स्कीम से जुड़े कई उधारकर्ताओं के खाते या तो निष्क्रिय हो चुके हैं या डिफाल्टर हो गए हैं, लेकिन निवेशकों का पैसा अब भी आरोपी कंपनियों से जुड़े खातों में फंसा हुआ है। शिकायतकर्ता ने कंपनियों के बैंक खातों को फ्रीज करने और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।