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हवाई यात्रा करने वालों को नहीं लेना होगा बोर्डिंग पास

Tue, 21 May 2019 03:21 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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देश भर के हवाई अड्डों पर जल्द ही यात्रियों को बोर्डिंग पास और लंबी लाइन से छुटकारा मिल जाएगा। इसकी सबसे पहले शुरुआत बंगलूरू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से होगी। यात्रियों की हवाई अड्डे पर इलेक्ट्रोनिक तरीके से एंट्री होगी और इसी तरह से जांच भी होगी। हवाई अड्डों पर एक डिपार्चर कंट्रोल सिस्टम लगाया जाएगा, जो बायोमेट्रिक आईडी के जरिए चेक-इन के प्रोसेस को पूरा करेगा। 

तीसरी तिमाही में शुरू होगा पहला चरण

नागर विमानन मंत्रालय के डिजि यात्रा प्रोजेक्ट के तहत इस साल की तीसरी तिमाही से इसका पहला चरण शुरू होगा। इस प्रोजेक्ट के तहत यात्रियों को एयरपोर्ट के बाहर स्थित डिजि यात्रा कियोस्क लगाया जाएगा, जिस पर यात्रियों को अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। 

घरेलू यात्रियों को मिलेगी पहले सुविधा

इस प्रोजेक्ट में सबसे पहले घरेलू यात्रियों को लाया जाएगा। इसके दूसरे चरण में विदेश जाने वाले यात्रियों को शामिल किया जाएगा। फिलहाल इसकी शुरुआत विस्तारा एयरलाइंस से होगी। बाद में अन्य विमानन कंपनियों को भी इस प्रोजेक्ट में शामिल किया जाएगा। 

अभी यह होता है प्रोसेस

फिलहाल यात्रियों को अपना टिकट, पहचान पत्र और बोर्डिंग पास एयरपोर्ट के टर्मिनल पर कई जगह दिखाना पड़ता है। इससे यात्रियों को लंबी लाइन लगानी पड़ती है। बार-बार बोर्डिंग पास और पहचान पत्र दिखाने से यात्री भी थक जाते हैं। फिलहाल यात्रियों को लंबी चेकिंग होने की वजह से 45 मिनट पहले एयरपोर्ट पर पहुंचना होता है। 

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- फोटो : एएनआई

डिजि यात्रा से यह होंगे फायदे

डिजि यात्रा प्रोजेक्ट के लागू हो जाने के बाद यात्रियों को अपना टिकट, बोर्डिंग पास, पहचान पत्र बार-बार नहीं दिखाना पड़ेगा। केवल बायोमेट्रिक या फिर क्यूआर कोड की मदद से उसका सत्यापन हो जाएगा। इससे यात्रियों को हवाई अड्डे पर मौजूद मल्टीपल चेक प्वाइंट्स पर आसानी से प्रवेश मिल जाएगा। इससे लाइन भी छोटी होगी और लोग आसानी से अपना काफी समय बचा सकेंगे। 

सुविधा का लाभ लेने को बनानी होगी यूनिक आईडी

सुविधा का लाभ उठाने के लिए यात्रियों को अपने नाम, ई-मेल आईडी, मोबाइल नंबर व पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड की सहायता से यूनिक आईडी बनानी होगी। टिकट बुकिंग के समय इस आईडी का इस्तेमाल करना होगा। इसके बाद यात्रा से पहले एयरलाइंस कंपनी यात्री के विवरण को उस एयरपोर्ट से साझा करेगी, जहां से उसे उड़ान भरनी होगी।

पहली बार उड़ान भरने पर आईडी की जांच होगी। जांच प्रक्रिया सफल होने पर उसके चेहरे का बायोमीट्रिक कर उसकी आईडी से जोड़ दिया जाएगा। एक बार यह प्रक्रिया सफल होने पर यात्री को बार-बार बोर्डिंग पास, पासपोर्ट या अन्य पहचान प्रमाण पत्र नहीं दिखाना पड़ेगा।

यात्री का चेहरा होगा बोर्डिंग पास

बंगलूरू अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट लिमिटेड (बीआईएएल) के एमडी और सीईओ हरि मरार ने कहा, 'अब आपका चेहरा ही आपका बोर्डिंग पास होगा।' उन्होंने कहा, 'इस सुविधा से बिना किसी परेशानी के यात्री हवाई यात्रा कर सकेंगे और उन्हें लाइन में भी नहीं लगना पड़ेगा।'

बीआईएएल द्वारा जारी स्टेटमेंट में कहा गया है, 'बोर्डिंग के लिए रजिस्ट्रेशन को पेपरलेस बनाकर हवाई यात्रा को आसान करने के लिए यह सुविधा शुरू की गई है। बायोमेट्रिक तकनीक से यात्रियों के चेहरे से उनकी पहचान होगी और वे एयरपोर्ट पर जा सकेंगे। उन्हें बार-बार बोर्डिंग पास, पासपोर्ट या अन्य पहचान पत्र नहीं दिखाने पड़ेंगे।'

पुर्तगाली सॉफ्टवेयर कंपनी विजन बॉक्स की वेबसाइट के मुताबिक कंपनी ने पहली बार इसी साल मार्च में लॉस एंजेलिस एयरपोर्ट पर यात्रियों के लिए फेस रिकग्निशन का इस्तेमाल किया था। वहां बोर्डिंग पास की बजाय बायोमेट्रिक बोर्डिंग का इस्तेमाल हुआ।

बीआईएएल के साथ अग्रीमेंट साइन करने के बाद वॉइस बॉक्स ने कहा कि ऐसा करने का उद्देश्य यात्रियों की यात्रा को पहले से ज्यादा सरल बनाना है। इससे उन्हें बार-बार बोर्डिंग पास नहीं दिखाना पड़ेगा। वहीं मरार का कहना है कि लोगों का चेहरा ही अब उनका बोर्डिंग पास होगा।
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