देश भर के हवाई अड्डों पर जल्द ही यात्रियों को बोर्डिंग पास और लंबी लाइन से छुटकारा मिल जाएगा। इसकी सबसे पहले शुरुआत बंगलूरू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से होगी। यात्रियों की हवाई अड्डे पर इलेक्ट्रोनिक तरीके से एंट्री होगी और इसी तरह से जांच भी होगी। हवाई अड्डों पर एक डिपार्चर कंट्रोल सिस्टम लगाया जाएगा, जो बायोमेट्रिक आईडी के जरिए चेक-इन के प्रोसेस को पूरा करेगा।
नागर विमानन मंत्रालय के डिजि यात्रा प्रोजेक्ट के तहत इस साल की तीसरी तिमाही से इसका पहला चरण शुरू होगा। इस प्रोजेक्ट के तहत यात्रियों को एयरपोर्ट के बाहर स्थित डिजि यात्रा कियोस्क लगाया जाएगा, जिस पर यात्रियों को अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
इस प्रोजेक्ट में सबसे पहले घरेलू यात्रियों को लाया जाएगा। इसके दूसरे चरण में विदेश जाने वाले यात्रियों को शामिल किया जाएगा। फिलहाल इसकी शुरुआत विस्तारा एयरलाइंस से होगी। बाद में अन्य विमानन कंपनियों को भी इस प्रोजेक्ट में शामिल किया जाएगा।
फिलहाल यात्रियों को अपना टिकट, पहचान पत्र और बोर्डिंग पास एयरपोर्ट के टर्मिनल पर कई जगह दिखाना पड़ता है। इससे यात्रियों को लंबी लाइन लगानी पड़ती है। बार-बार बोर्डिंग पास और पहचान पत्र दिखाने से यात्री भी थक जाते हैं। फिलहाल यात्रियों को लंबी चेकिंग होने की वजह से 45 मिनट पहले एयरपोर्ट पर पहुंचना होता है।