Ex RBI Governor: प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, 'यह केवल उस दूरी को दर्शाता है जो हमें तय करनी है, हमारे पास प्रति व्यक्ति आय के वर्तमान स्तर को देखते हुए तेजी से बढ़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व गवर्नर सी रंगराजन ने शनिवार को कहा कि पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होना गर्व की बात है, लेकिन प्रति व्यक्ति आय भी बढ़नी जरूरी है। आईसीएफएआई फाउंडेशन फॉर हायर एजुकेशन के 13वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए रंगराजन ने कहा कि कोविड-19 और रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद भारत के भविष्य के विकास के लिए एक स्पष्ट खाका तैयार करने की जरूरत है और सबसे पहला काम विकास दर बढ़ाना है।
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प्रति व्यक्ति आय के मामले में 197 देशों में भारत 142वें नंबर पर
भारत को आज पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बताते हुए उन्होंने कहा, "यह एक प्रभावशाली उपलब्धि है।" उन्होंने कहा, 'हालांकि, प्रति व्यक्ति आय के संबंध में हम अब भी संतोषजनक स्थिति में नहीं हैं, इस मामले में कहानी अलग है। 2020 में, प्रति व्यक्ति आय के संबंध में भारत का स्थान 197 देशों में से 142वां है।
सी रंगराजन बोले- प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं
प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, 'यह केवल उस दूरी को दर्शाता है जो हमें तय करनी है, हमारे पास प्रति व्यक्ति आय के वर्तमान स्तर को देखते हुए तेजी से बढ़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि गणना के अनुसार यदि देश अगले दो दशक और उससे अधिक समय तक लगातार सात प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल करता है तो इससे अर्थव्यवस्था के स्तर में उल्लेखनीय बदलाव आएगा और भारत एक विकसित अर्थव्यवस्था का दर्जा लगभग लगभग हासिल कर सकता है।
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रोजगार वृद्धि से विकास का लक्ष्य हासिल किया जाना चाहिए: पूर्व आरबीआई गवर्नर
उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत को उभरी नई प्रौद्योगिकियों और कुशल श्रम शक्ति को आत्मसात करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, "हालांकि नई प्रौद्योगिकियां उत्पादन के मामले में रोजगार पर असर डाल सकती है।" उन्होंने कहा, 'रोजगार वृद्धि से विकास का लक्ष्य हासिल किया जाना चाहिए। विकास के बिना रोजगार वृद्धि टिकाऊ नहीं है। यही कारण है कि हमें कम से कम सात प्रतिशत की सतत वृद्धि का लक्ष्य रखना चाहिए। रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर ने कहा कि विकास रणनीति बहुआयामी होनी चाहिए और देश को मजबूत निर्यात और विनिर्माण क्षेत्रों की जरूरत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इक्विटी के बिना वृद्धि टिकाऊ नहीं है। बता दें कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष एम जगदीश कुमार इस दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि थे।