Bank of Baroda Report : चालू वित्त वर्ष के पहले चार महीने में देश के बड़े राज्यों में सबसे कम खर्च उत्तर प्रदेश ने किया है। बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट में कहा गया है कि यूपी ने तय बजट 1,23,919 करोड़ रुपये में से केवल 12,764 करोड़ खर्च किया है जो 10.3% है। 2021-22 में यूपी ने 96,481 करोड़ खर्च किया था जबकि बजट का लक्ष्य 1.14 लाख करोड़ था।
देश के 26 राज्यों पर तैयार रिपोर्ट में कहा गया है कि इस वित्त वर्ष में राज्यों को 6.92 लाख करोड़ रुपये खर्च करने थे, लेकिन अभी तक केवल 1.01 लाख करोड़ रुपये ही खर्च हुआ है। यह लक्ष्य का 14.7 फीसदी है। केंद्र सरकार ने 7.5 लाख करोड़ रुपये के लक्ष्य की तुलना में पहले 4 महीने में 2.08 लाख करोड़ खर्च किया है, जो कि कुल रकम का 27.8 फीसदी है।
हालांकि, 7.5 लाख करोड़ में राज्यों को दिए गए 1.40 लाख करोड़ का कर्ज भी शामिल है। 9 राज्यों का हिस्सा कुल खर्च में 65% है। इस दौरान सरकारी कंपनियों ने बजट का केवल 28% ही खर्च किया है। इनका खर्च का बजट 6.62 लाख करोड़ रुपये है। इसमें से 1.84 लाख करोड़ खर्च हुए हैं। देश की विकास दर करीब 7% की है।
खर्च में गुजरात दूसरे और मध्य प्रदेश तीसरे स्थान पर
बजट में सबसे ज्यादा खर्च करने वालों में केरल 27.6 फीसदी के साथ पहले स्थान पर है। 25.1 फीसदी के साथ गुजरात दूसरे और 24.7 फीसदी के साथ मध्य प्रदेश तीसरे स्थान पर है। तमिलनाडु ने 20 फीसदी और कर्नाटक ने 18.5 फीसदी खर्च किया है। 10 फीसदी से कम खर्च करनेवालों में मणिपुर ने 9.5 फीसदी, आंध्र प्रदेश ने 6.6 फीसदी, त्रिपुरा ने 3.4 फीसदी, मिजोरम ने 1.1 फीसदी और सिक्किम ने अपने तय बजट का एक भी फीसदी खर्च नहीं किया।
वित्त वर्ष के आखिरी महीनों में ज्यादा खर्च
राज्यों के रुझान से पता चलता है कि ज्यादा खर्च वित्त वर्ष के आखिरी महीनों में होता है। उदाहरण के तौर पर पिछले वित्त वर्ष में महाराष्ट्र ने अपने तय बजट से ज्यादा खर्च किया। वित्त वर्ष 2021-22 में 22 राज्यों में से 13 राज्य अपने पूंजीगत खर्च का बजट पूरा नहीं कर पाए थे। 9 राज्यों ने तय बजट से ज्यादा खर्च किया था।
बजट और खर्च का हिसाब (आंकड़े करोड़ रु. में )
| राज्य |
बजट |
खर्च |
फीसदी में |
| हिमाचल |
5,647 |
1,169 |
20.70 |
| छत्तीसगढ़ |
15,076 |
3,015 |
20.00 |
| राजस्थान |
34,658 |
5,545 |
16.00 |
| बिहार |
30,943 |
4,239 |
13.70 |
| महाराष्ट्र |
64,065 |
7,560 |
11.80 |
| उत्तराखंड |
10,840 |
1,171 |
10.80 |
| हरियाणा |
21,319 |
2,238 |
10.50 |
| पंजाब |
10,930 |
1,137 |
10.40 |
| झारखंड |
16,530 |
1,653 |
10.00 |